सदर बाजार थाना क्षेत्र में आधी रात गाड़ियों में तोड़फोड़, सवाल उठे तो घटना के बाद पुलिस ने पकडे आरोपी
Police Action Against Suspects In Sadar Bazar:इंदौर के सदर बाज़ार इलाके में गाडियों में तोड़फोड़ करने वाले आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों में दो नाबालिग भी शामिल है।
- Reported By: अंशुल मुकाती
घटनास्थल पर मौजूद कारों फोड़े गए काँच (फोटो सोर्स - नवभारत)
Sadar Bazar Car Damage Case: सदर बाजार थाना क्षेत्र में आधी रात हुई वाहनों में तोड़फोड़ की घटना ने एक बार फिर शहर की रात्रि गश्त व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना रात करीब तीन बजे की बताई जा रही है, जब इलाके में खड़ी कई गाड़ियों पर पत्थर मारकर उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया गया। आरोपियों में दो नाबालिग भी शामिल थे जिनके परिजनों को थाने बुलाकर समझाइश दी गयी है।
जब इलाके में मच रहा था उत्पात, तब कहां थी पुलिस?
स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी काफी देर तक इलाके में उत्पात मचाते रहे, लेकिन उन्हें रोकने के लिए मौके पर पुलिस नहीं पहुंची।
इस दौरान बड़ी आसानी से आरोपी रात 3 बजे के आसपास घर के बाहर गाड़ियों में पत्थर मार कर फरार हो गए, इस दौरान आरोपियों को ना तो पुलिस ने कही रोका और ना ही रात में पुलिस ने आरोपियों की खोजबीन की, जबकि देर रात तक इलाके में गश्त करने का दावा खुद थाना प्रभारी करते है।
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CCTV के सहारे आरोपियों तक पहुंची पुलिस की टीम
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार, घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए, जिसके आधार पर आरोपियों की पहचान कर ली गई। पुलिस ने दो बालिग युवकों और दो नाबालिगों को अभिरक्षा में लिया है। बालिग आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई है, वहीं नाबालिगों के परिजनों के विरुद्ध भी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है।
पुलिस की नाइट पेट्रोलिंग की खुली पोल, सख्ती थी तो तोड़फोड़ कैसे हो गई
पुलिस अपनी कार्रवाई को त्वरित बता रही है, लेकिन क्षेत्र के रहवासियों का सवाल है कि यदि रात में नियमित और प्रभावी गश्त होती तो इस तरह की घटना को रोका जा सकता था। लोगों का कहना है कि आधी रात में आरोपियों ने कई वाहनों को निशाना बनाया, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
हालांकि पुलिस ने 24 घंटे के भीतर आरोपियों को पकड़ने का दावा किया है, लेकिन यह घटना नाइट पेट्रोलिंग और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल छोड़ गई है।
