

Raja Raghuvanshi Murder Case Meghalaya: चर्चित राजा रघुवंशी हनीमून मर्डर केस को लेकर मंगलवार, 12 मई को मेघालय हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। मामले में अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 18 मई तय की है। फिलहाल इस फैसले से सोनम को फौरी राहत मिल गई है।
सोनम रघुवंशी को निचली अदालत से मिली जमानत के खिलाफ राज्य सरकार ने मेघालय हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उसे चुनौती दी है। बता दें कि आज सबकी नजरें हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी थी लेकिन सुनवाई के बाद मामले में अगली तारीख 18 मई लगाई गई है।
बता दें कि यह मामला पिछले साल मई में हुई राजा रघुवंशी की हत्या से जुड़ा है। इंदौर निवासी राजा रघुवंशी की मेघालय के सोहरा क्षेत्र में हनीमून के दौरान हत्या कर दी गई थी। जांच के बाद मेघालय पुलिस ने राजा की पत्नी सोनम रघुवंशी और उनके कथित प्रेमी राज कुशवाहा को इस चर्चित हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता बताया था। हालांकि अप्रैल के आखिर में शिलांग की निचली अदालत ने सोनम रघुवंशी को जमानत दे दी थी। बताया गया कि पुलिस दस्तावेजों में हुई एक कथित लिपिकीय गलती इस फैसले का प्रमुख आधार बनी। गिरफ्तारी से जुड़े रिकॉर्ड में हत्या से संबंधित सही धारा के स्थान पर दूसरी धारा दर्ज हो गई थी। अदालत ने इसे प्रक्रियागत त्रुटि मानते हुए सोनम को राहत प्रदान की थी। इसके बाद से वह जेल से बाहर है।
मेघालय सरकार और राजा रघुवंशी के परिजनों ने हाई कोर्ट में पक्ष रखते हुए कहा है कि केवल तकनीकी त्रुटि या टाइपिंग मिस्टेक के आधार पर इतने गंभीर मामले में जमानत दिया जाना उचित नहीं है। सरकार का तर्क है कि आरोपी को गिरफ्तारी के कारणों की पूरी जानकारी थी और जांच एजेंसियों के पास पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं।
रविवार को इंदौर में सोनम रघुवंशी को मिली जमानत के विरोध में कैंडल मार्च निकाला गया। शाम के समय रीगल चौराहा पर आयोजित इस मार्च में राजा रघुवंशी के परिजनों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भाग लिया। प्रदर्शन में राजा की मां उमा रघुवंशी, भाई विपिन रघुवंशी सहित रघुवंशी समाज के सैकड़ों लोग मौजूद रहे।