MP में 21 साल से बंद पड़ी है सड़क परिवहन सेवा, जनहित याचिका पर HC ने राज्य और केंद्र से मांगा जवाब
MP State Transport Service: मध्य प्रदेश में सड़क परिवहन सेवा बंद होने को लेकर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई है। हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ राज्य और केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर 6 हफ्ते में जवाब मांगा है।
- Written By: प्रीतेश जैन
इंदौर खंडपीठ (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Madhya Pradesh HC News: मध्य प्रदेश में सड़क परिवहन सेवा पिछले 21 सालों से बंद पड़ी है। इस पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सख्त रुख अपनाया है। उच्च न्यायालय ने राज्य और केंद्र सरकार को एक बार फिर नोटिस जारी कर 6 हफ्ते के अंदर जवाब देने का निर्देश दिया है।
सेंधवा के सामाजिक कार्यकर्ता और एडवोकेट बीएल जैन ने 14 अगस्त 2024 को ये जनहित याचिका दाखिल की थी। इसमें कहा गया है कि राज्य में परिवहन निगम बंद होने के बाद ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में यात्रियों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही सुरक्षित और सुलभ सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का अभाव गंभीर चिंता का विषय बन गया है।
पहले के नोटिस का अब तक नहीं दिया जवाब
कोर्ट ने इससे पहले 17 सितंबर 2024 को भी राज्य सरकार को नोटिस जारी कर चार हफ्ते में जवाब मांगा था, लेकिन अब तक कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया। इस पर सोमवार की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नाराजगी जताई और दोबारा नोटिस जारी करने के आदेश दिए। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अभिषेक तुगनावत ने दलील दी कि परिवहन निगम के बंद होने के बाद प्रदेश में लोग पूरी तरह निजी बसों पर निर्भर हो गए हैं। ग्रामीण इलाकों में स्थिति और गंभीर है, जहां पर्याप्त बसें न होने के कारण लोग मालवाहक वाहनों में यात्रा करने को मजबूर हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है और कई जानलेवा हादसे भी हो चुके हैं।
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बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी
याचिका में यह भी कहा गया है कि नागरिकों को सुरक्षित परिवहन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है। इसके साथ ही तर्क दिया गया कि केरल और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में राज्य परिवहन निगम सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं और लाभ में भी हैं, तो मध्य प्रदेश में ऐसा मॉडल लागू क्यों नहीं किया जा रहा है?
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सिर्फ घोषणाओं में रह गई सरकारी परिवहन सेवा
याचिकाकर्ता ने यह भी बताया कि मध्य प्रदेश सरकार लंबे समय से सार्वजनिक परिवहन सेवा शुरू करने की घोषणाएं कर रही है, लेकिन डेढ़ साल से अधिक समय बीतने के बावजूद इस दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। अदालत ने अब मामले में सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा है।
