

इंदौर सेमीकंडक्टर समिट में CM मोहन यादव और कैलाश विजयवर्गीय डेढ़ घंटे तक मंच पर साथ बैठे।
कार्यक्रम के दौरान दोनों नेताओं के बीच कई बार बातचीत होती दिखाई दी।
कैलाश विजयवर्गीय ने CM मोहन यादव के नेतृत्व और निवेश बढ़ाने के प्रयासों की तारीफ की।
Mohan Yadav And Kailash Vijayvargiya Together In Indore: मध्य प्रदेश की राजनीति में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय एक बार फिर चर्चा में हैं। इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित मध्य प्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026 में दोनों नेता एक ही मंच पर नजर आए। कार्यक्रम के दौरान उनके बीच कई बार बातचीत होती दिखाई दी।
वहीं, अपने संबोधन में कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व और प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के प्रयासों की तारीफ की। दोनों नेताओं की इस तस्वीर के बाद उनके बीच कथित नाराजगी और दूरी को लेकर चल रही राजनीतिक चर्चाएं फिर सुर्खियों में आ गई हैं।
इंदौर में आयोजित सेमीकंडक्टर समिट के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की मौजूदगी पर सबकी नजर रही। दोनों नेता करीब डेढ़ घंटे तक मंच पर साथ बैठे रहे। इस दौरान कई मौकों पर दोनों के बीच बातचीत भी होती दिखाई दी। कार्यक्रम में उनकी साझा मौजूदगी और आपसी संवाद को राजनीतिक नजरिए से देखा जा रहा है। हालांकि, इस मुलाकात के आधार पर दोनों नेताओं के संबंधों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
कार्यक्रम के दौरान संबोधन देने पहुंचे कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री मोहन यादव का स्वागत करते हुए उनके नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा, 'मंच पर उपस्थित मध्यप्रदेश को विकास की गति में बहुत तेजी प्रदान करने वाले, हम सबके लीडर और मध्यप्रदेश को इन्वेस्टमेंट का बेहतरीन प्रदेश बनाने वाले मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव जी का जोरदार स्वागत करें।' विजयवर्गीय के इस बयान को भी राजनीतिक हलकों में अहम माना जा रहा है। उनके संबोधन में मुख्यमंत्री के विकास और निवेश संबंधी प्रयासों का उल्लेख प्रमुखता से रहा।
पिछले कुछ समय से मुख्यमंत्री मोहन यादव और कैलाश विजयवर्गीय के संबंधों को लेकर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं होती रही हैं। मुख्यमंत्री के इंदौर दौरे और विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों में दोनों नेताओं की मौजूदगी को लेकर भी अटकलें लगाई जाती रही हैं। कुछ अवसरों पर दोनों के साथ नजर नहीं आने को कथित दूरी से जोड़कर देखा गया। हालांकि, उनके बीच किसी आधिकारिक मतभेद की पुष्टि सामने नहीं है।
सेमीकंडक्टर समिट में दोनों नेताओं का साथ बैठना, बातचीत करना और मंच से एक-दूसरे के प्रति सम्मान प्रदर्शित करना चर्चा का विषय बन गया है। सार्वजनिक मंच पर हुई यह बातचीत राजनीतिक संकेत के तौर पर देखी जा सकती है, लेकिन इससे रिश्तों को लेकर सभी अटकलें खत्म हो गई हैं, ऐसा कहना उचित नहीं होगा। फिलहाल, समिट की तस्वीरों ने मध्य प्रदेश की राजनीति में दोनों नेताओं के संबंधों पर चर्चा जरूर तेज कर दी है।