इंदौर में सड़क सुरक्षा पर हाई लेवल बैठक, हेलमेट और सीट बेल्ट को लेकर बढ़ेगी सख्ती
Indore Plans Major Road Safety:इंदौर में सड़क सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ाई जाएगी। हेलमेट और सीट बेल्ट नियमों के पालन पर विशेष फोकस रहेगा, जबकि जनजागरूकता अभियान के साथ चालानी कार्रवाई भी तेज होगी।
- Reported By: अंशुल मुकाती
सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे बैठक करते हुए (फोटों सोर्स - नवभारत)
Indore Road Safety Meeting: इंदौर में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और लोगों की जान बचाने के उद्देश्य से जिला सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे ने की। बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, डीसीपी ट्रैफिक राजेश त्रिपाठी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
हेलमेट और सीट बेल्ट पर रहेगा विशेष फोकस
बैठक में न्यायमूर्ति सप्रे ने कहा कि चालानी कार्रवाई के बावजूद हेलमेट और सीट बेल्ट पहनने की आदत अभी भी अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंची है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल जुर्माना ही नहीं, बल्कि व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। प्रशासन, पुलिस, शिक्षण संस्थानों और सामाजिक संगठनों को मिलकर इसे जनआंदोलन बनाने की अपील की गई।
बुधवार से गड्ढों का सर्वे, मरम्मत भी होगी शुरू
बैठक में सड़क इंजीनियरिंग और सड़क रखरखाव पर भी विशेष चर्चा हुई। न्यायमूर्ति सप्रे ने निर्देश दिए कि जिले की सभी सड़कों पर कल से गड्ढों का सर्वे शुरू किया जाए और उसी दिन से उन्हें भरने का कार्य भी प्रारंभ किया जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी गुणवत्ता वाली सड़कें बनाने पर जोर दिया गया, जिनमें गड्ढे न बनें और ब्लैक स्पॉट विकसित न हों।
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ब्लैक स्पॉट सुधार और सड़क सुरक्षा पर जोर
इंदौर में बैठक में बताया गया कि जिले के कई ब्लैक स्पॉट्स पर सुधार कार्यों के बाद दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है। कुछ स्थानों पर हादसे शून्य तक लाने में भी सफलता मिली है। सड़क निर्माण एजेंसियों को गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए।
स्वच्छता के बाद अब सड़क सुरक्षा में भी नंबर-1 बने इंदौर
न्यायमूर्ति सप्रे ने कहा कि जिस तरह इंदौर ने स्वच्छता में देशभर में पहचान बनाई है, उसी तरह अब सड़क सुरक्षा में भी नंबर-1 बनने का लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने प्रत्येक नागरिक को रोड सेफ्टी ब्रांड एंबेसडर बनने का आह्वान करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। मीडिया, स्कूल, कॉलेज और सामाजिक संगठनों की भागीदारी से ही इस अभियान को सफल बनाया जा सकता है।
