रिश्वत मांगने के आरोप में पटवारी निलंबित, कलेक्टर शिवम वर्मा का बड़ा एक्शन
Collector Takes Action:इंदौर के बिचौली हप्सी तहसील में पटवारी अनुशील जोसफ को दो लाख रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। जनसुनवाई में मिली शिकायत के बाद कलेक्टर ने आदेश जारी किया ।
- Reported By: अंशुल मुकाती
जनसुनवाई में कलेक्टर को मामले की जानकारी देते आवेदक (फोटो सोर्स - नवभारत )
Indore Patwari Suspended: इंदौर में रिश्वतखोरी के आरोप में एक पटवारी के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। बिचौली हप्सी तहसील में पदस्थ पटवारी अनुशील जोसफ को कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पटवारी पर न्यायालय के बटांकन आदेश का पालन कराने के बदले दो लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगा था। जनसुनवाई में शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कराई।
जनसुनवाई में हुई शिकायत, जांच में सही पाए गए आरोप
जानकारी के अनुसार एक आवेदक ने जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई थी कि न्यायालय द्वारा बटांकन का आदेश जारी होने के बावजूद उसका पालन नहीं किया जा रहा है। शिकायतकर्ता का आरोप था कि संबंधित पटवारी अनुशील जोसफ आदेश का क्रियान्वयन कराने के लिए दो लाख रुपये की मांग कर रहे थे। कलेक्टर शिवम वर्मा ने शिकायत मिलने के बाद तत्काल जांच के निर्देश दिए।
प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाए जाने पर अनुविभागीय अधिकारी, बिचौली हप्सी ने पटवारी अनुशील जोसफ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
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सात दिन में पेश होंगे दस्तावेज
इंदौर जिला प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच के लिए तहसीलदार को निर्देश दिए हैं कि आरोप पत्र और संबंधित दस्तावेज तैयार कर सात दिनों के भीतर प्रस्तुत किए जाएं। इसके बाद विभागीय जांच की आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। निलंबन अवधि के दौरान पटवारी का मुख्यालय तहसील बिचौली हप्सी निर्धारित किया गया है।
पीड़ित को राहत देने के निर्देश
कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि न्यायालय के बटांकन आदेश का तत्काल पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि शिकायतकर्ता को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रशासन की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
