2055 तक की जल जरूरतों के लिए इंदौर की तैयारी, नर्मदा के चौथे चरण का काम तेज करने पर जोर

Narmada Project Phase 4 : इंदौर में कम बारिश के चलते बन रहे हालात भविष्य में न बने इसके लिए नर्मदा के चौथे चरण को तेज गति से पुरे करने के प्रयास शुरू किये गए है।
Indore Narmada Project Phase 4
जलूद में बनाया जा रहा इंटेक वेलफोटो सोर्स - नवभारत
Published on: 
Updated on: 

Highlights :

  • इंदौर में वर्ष 2055 तक की जल जरूरतों को पूरा करने के लिए नर्मदा परियोजना के चौथे चरण को गति देने की तैयारी।

  • जलूद में 1,650 एमएलडी क्षमता का इंटेक वेल बनाया जा रहा है।

  • इंटेक वेल में शुरुआत में 15 पंप लगाए जाएंगे भविष्य में 9 अतिरिक्त पंप लगाने की व्यवस्था।

  • नर्मदा परियोजना से शहर की जल आपूर्ति क्षमता लगभग दोगुनी करने का लक्ष्य।

  • वर्ष 2028 तक 400 एमएलडी क्षमता का नया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तैयार करने की योजना।

Indore Water Supply : इंदौर में भविष्य में बढ़ती आबादी और पानी की मांग को देखते हुए इंदौर नगर निगम ने नर्मदा जल परियोजना के चौथे चरण को गति देने की तैयारी शुरू कर दी है। शहर में कम बारिश के कारण पैदा होने वाले जल संकट जैसे हालात भविष्य में न बनें इसके लिए जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

लक्ष्य है कि वर्ष 2055 तक शहर की अनुमानित जल जरूरतों को पूरा करने के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा तैयार करना। इसके तहत जलूद में इंटेक वेल पाइपलाइन और नए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के काम पर ध्यान दिया जा रहा है।

जलूद में बनेगा 1,650 एमएलडी क्षमता का इंटेक वेल

नर्मदा परियोजना के चौथे चरण के तहत जलूद में बड़े इंटेक वेल का निर्माण किया जा रहा है। इसकी क्षमता 1,650 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) निर्धारित की गई है। इसमें फिलहाल 15 पंप लगाए जाएंगे। भविष्य में पांचवें चरण की जरूरत पड़ने पर नौ अतिरिक्त पंप लगाने की व्यवस्था भी रखी गई है ताकि बढ़ती मांग के अनुसार क्षमता का विस्तार किया जा सके।

120 मीटर व्यास और 44 मीटर ऊंचाई की संरचना

प्रस्तावित इंटेक वेल का कुल व्यास 120 मीटर और ऊंचाई 44 मीटर होगी। इसके निर्माण के लिए संरचना को 60-60 मीटर व्यास वाले दो हिस्सों में तैयार किया जा रहा है। डिजाइन में जलस्तर कम होने जैसी परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा गया है जिससे जलस्रोत की स्थिति के अनुसार पानी लेने की व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने में मदद मिल सके।

शहर की जल आपूर्ति क्षमता बढ़ाने की योजना

इंदौर शहर में आबादी बढ़ने के साथ पानी की मांग में भी इजाफा होने का अनुमान है। ऐसे में नर्मदा परियोजना का चौथा चरण शहर की मौजूदा जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। परियोजना के जरिए वर्तमान की तुलना में लगभग दोगुनी जल आपूर्ति क्षमता उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इससे भविष्य की जरूरतों के अनुरूप व्यवस्था विकसित करने में मदद मिलेगी।

वर्ष 2028 तक तैयार होगा 400 एमएलडी का नया प्लांट

जल आपूर्ति के साथ पानी के शोधन की क्षमता बढ़ाने पर भी काम किया जा रहा है। वर्तमान में पहले और दूसरे चरण के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता 180 एमएलडी और तीसरे चरण के प्लांट की क्षमता 360 एमएलडी बताई गई है। इसके अलावा 400 एमएलडी क्षमता का नया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जा रहा है जिसे वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

जलूद से इंदौर तक पाइपलाइन के काम की समीक्षा

महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने जलूद से इंदौर शहर तक बिछाई जा रही पाइपलाइन के कार्य की समीक्षा की। उन्होंने निर्माण के लिए तैयार किए जा रहे 500 पाइपों की खेप और मौके पर उपलब्ध पाइपों की स्थिति देखी। इसके बाद अधिकारियों और इंजीनियरों से परियोजना की प्रगति पर चर्चा की।

Indore Narmada Project Phase 4
सिवनी के लखनादौन सिविल अस्पताल में लापरवाही, मरीजों का चेकअप करता नजर आया दिव्यांग सुरक्षा गार्ड

काम में तेजी और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश

इंदौर महापौर ने निर्माण एजेंसी को काम में तेजी लाने और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया, ताकि परियोजना में देरी से बचा जा सके। अब नर्मदा परियोजना के चौथे चरण के कार्यों को समय पर पूरा करना नगर निगम के लिए अहम होगा, जिससे वर्ष 2055 तक इंदौर की बढ़ती जल जरूरतों को पूरा करने की तैयारी को मजबूती मिल सके।

Navbharat Live
navbharatlive.com