इंदौर में फायर सेफ्टी पर सख्ती: गलत ऑडिट रिपोर्ट देने वालों का लाइसेंस होगा निरस्त, जीओ-टैग फोटो अनिवार्य

Fire Safety: इंदौर नगर निगम ने शहर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए फायर कंसल्टेंट, फायर इंजीनियर और फायर सेफ्टी एजेंसियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की।
Indore Municipal Corporation officials hold a meeting with fire consultants and fire safety agencies to strengthen building fire safety compliance and audit standards.
फायर सेफ्टी को लेकर बैठक लेते अपर आयुक्त (फोटो सोर्स - नवभारत )
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Indore Fire Safety Action: इंदौर शहर में भवनों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए नगर निगम ने फायर कंसल्टेंट, फायर इंजीनियर और फायर सेफ्टी एजेंसियों के साथ अहम बैठक आयोजित की। सिटी बस कार्यालय में आयोजित इस बैठक की में निगम की तरफ से अपर आयुक्त प्रखर सिंह शामिल हुए। बैठक में शहर के 50 से अधिक फायर इंजीनियर और फायर सेफ्टी वेंडर्स शामिल हुए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि फायर ऑडिट और सुरक्षा मानकों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

गलत फायर ऑडिट रिपोर्ट पर होगी सख्त कार्रवाई

बैठक में निर्देश दिए गए कि सभी फायर ऑडिट रिपोर्ट शासन के निर्धारित मानकों के अनुरूप तैयार की जाएं। यदि कोई फायर कंसल्टेंट गलत, भ्रामक या तथ्यहीन रिपोर्ट प्रस्तुत करता है तो उसका लाइसेंस निरस्त करने सहित नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। भवनों में फायर सेफ्टी सिस्टम की स्थापना केवल अनुमोदित ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर ही की जाएगी।

जीओ-टैग फोटो के साथ देनी होगी रिपोर्ट

नगर निगम ने सभी फायर कंसल्टेंट्स के लिए निरीक्षण के दौरान स्वयं उपस्थित रहना अनिवार्य किया है। प्रत्येक ऑडिट रिपोर्ट के साथ जीओ-टैग युक्त फोटो जमा करनी होगी ताकि यह प्रमाणित हो सके कि निरीक्षण वास्तविक रूप से किया गया है। साथ ही पहले से जमा सभी फायर ऑडिट रिपोर्टों का पुनः सत्यापन कर पांच दिनों के भीतर अद्यतन रिपोर्ट जमा करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

बेसमेंट और रूफटॉप रेस्टोरेंट पर भी रहेगी नजर

नगर निगम ने निर्देश दिए हैं कि यदि किसी भवन के बेसमेंट या रूफटॉप पर रेस्टोरेंट अथवा अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं तो इसका स्पष्ट उल्लेख ऑडिट रिपोर्ट में किया जाए। इससे ऐसे स्थानों पर नियमों के विरुद्ध हो रहे उपयोग पर कार्रवाई की जा सकेगी।

प्रशिक्षण और टेस्ट रिपोर्ट भी होगी अनिवार्य

फायर सेफ्टी सिस्टम स्थापित होने के बाद संबंधित फायर कंसल्टेंट को टेस्ट रिपोर्ट देना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही भवन संचालकों और कर्मचारियों को फायर सिस्टम के संचालन और आपातकालीन स्थिति से निपटने का प्रशिक्षण भी देना होगा। प्रशिक्षण के फोटो और दस्तावेज नगर निगम के फायर विभाग को उपलब्ध कराना अनिवार्य रहेगा।

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नगर निगम का संदेश- यह सामूहिक जिम्मेदारी

अपर आयुक्त प्रखर सिंह ने कहा कि अग्नि सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। नियमित निरीक्षण, मानकों का पालन और प्रभावी फायर सेफ्टी प्रबंधन से ही आगजनी की घटनाओं में जन-धन की हानि को कम किया जा सकता है। नगर निगम ने स्पष्ट किया कि शहर में सुरक्षित और मानक अनुरूप भवन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।

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