इंदौर में सनसनी! नौकरी का लालच देकर आदिवासी युवतियों को बनाया बंधक; मोबाइल छीने और दी बेचने की धमकी
Indore Job Scam: इंदौर में आदिवासी युवतियों को नौकरी के नाम पर बंधक बनाने का सनसनीखेज आरोप, हॉस्टल से भागकर पुलिस कमिश्नर से मिलीं पीड़िताएं, कंपनी और ट्रेनर पर जांच शुरू।
- Reported By: अंशुल मुकाती | Edited By: सजल रघुवंशी
इंदौर ह्यूमन ट्रैफिकिंग केस (सोर्स- सोशल मीडिया)
Indore Human Trafficking Case: इंदौर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में नौकरी और मोटी कमाई का लालच देकर आदिवासी युवतियों को इंदौर बुलाने के बाद बंधक बनाए जाने का सनसनीखेज आरोप लगाने का मामला सामने आया है। पीड़ित युवतियों और उनके परिजनों ने आरोप लगाया है कि उन्हें बंधक बनाकर रखा गया, मोबाइल फोन छीन लिए गए, परिजनों से स्वतंत्र रूप से बात नहीं करने दी गई और विरोध करने पर जान से मारने व बेच देने की धमकियां दी गईं।
परिजनों का दावा है कि रात के समय कमरों में अजनबी युवकों को भेजा जाता था, जिससे उन्हें मानव तस्करी और देह व्यापार के बड़े रैकेट की आशंका है। वही इस मामले पर पुलिस का कहना है कि जांच के बाद पाया गया कि युवतियों को काम के लिए बुलाया गया था, ओर उनसे कुछ रूपये भी लिए गए थे जिसे लेकर जांच की जा रही है।
हास्टल से भागी युवती, बताई आपबीती
इस मामले में बमुश्किल हॉस्टल से भागी चार आदिवासी युवतियां अपने परिजनों के साथ इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह से मिलने पहुंची थीं, जहां पीड़ितों ने इंदौर के महादेव एंटरप्राइजेज की संचालक उर्मिला पर कई गंभीर आरोप लगाए। युवतियों के अनुसार, उनके सहित करीब बीस से अधिक युवतियों को रतलाम जिले के सैलाना और रावटी क्षेत्र से आयुर्वेदिक प्रोडक्ट की मार्केटिंग की नौकरी और अमीर बनने का सपना दिखाकर इंदौर बुलाया गया था।
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युवतियों के मोबाइल कर लिए जाते थे जब्त
युवतियों से पहले करीब सात हजार रुपये प्रति व्यक्ति और बाद में 16 हजार रुपये रजिस्ट्रेशन व रहने-खाने की फीस के नाम पर वसूले गए। इसके बाद उनके मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए और हॉस्टल के कमरों में रखकर नेटवर्क मार्केटिंग की ट्रेनिंग देने का दावा किया गया। युवतियों के परिजनों का आरोप है कि उन्हें घर वालों से केवल गिरोह के लोगों की मौजूदगी में ही बात करने दी जाती थी। यदि वे सच्चाई बताने की कोशिश करतीं तो उन्हें मारपीट, जान से मारने और बेच देने की धमकियां दी जाती थीं।
विरोध करने पर युवती को किया गया प्रताड़ित
विरोध करने पर एक युवती को प्रताड़ित भी किया गया, जिसके बाद चार युवतियां जैसे-तैसे भाग निकलीं और इंदौर के राजेंद्र नगर स्टेशन से बिना टिकट ट्रेन का सफर करते हुए रतलाम पहुंचीं। रतलाम में परिजनों को पूरी घटना बताने के बाद वे बच्चियों को लेकर इंदौर पहुंचे और पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह से शिकायत दर्ज कराई। पुलिस जांच में रेती मंडी ब्रिज के नीचे स्थित एक बिल्डिंग में महादेव एंटरप्राइजेज के नाम पर ड्रीमलाइफ वेलनेस प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी संचालित होती पाई गई, जिसका हेडक्वार्टर राजस्थान में है।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने त्वरित संज्ञान लेकर डीसीपी नरेंद्र सिंह रावत को जांच सौंपी है। पुलिस ने कंपनी के संचालक की ओर से ट्रेनर उर्मिला, लड़कियों को लाने वाली युवती सोना निनामा और कमलेश नामक युवक को तलब कर पूछताछ शुरू कर दी है।
