इंदौर हनी ट्रैप केस: जिसे ‘जीजा’ कहकर बुलाती थीं ‘हनी गर्ल्स’, वो हेड कॉन्स्टेबल भी गिरफ्तार; SIT जांच तेज
Indore Honeytrap Case: इंदौर में चर्चित हनीट्रैप 2026 मामले की जांच लगातार गहराती जा रही है। क्राइम ब्रांच की SIT ने गुरुवार को इंटेलिजेंस शाखा में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल विनोद शर्मा को गिरफ्तार किया।
- Written By: सजल रघुवंशी
हेड कॉन्सेटबल विनोद शर्मा गिरफ्तार (सोर्स- एआई जनरेटेड इमेज)
Indore Honeytrap Head Constable Vinod Sharma Arrest: मध्य प्रदेश के इंदौर में चर्चित हनीट्रैप 2026 मामले की जांच लगातार गहराती जा रही है। इंदौर क्राइम ब्रांच की विशेष जांच टीम (SIT) ने गुरुवार को इंटेलिजेंस शाखा में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल विनोद शर्मा को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, उस पर हनीट्रैप गिरोह की साजिश में शामिल होने और आरोपियों को रणनीतिक सलाह देने के आरोप हैं।
जांच में सामने आया है कि आरोपी महिलाएं उसे ‘जीजा’ कहकर संबोधित करती थीं और कथित आपत्तिजनक वीडियो, फोटो व चैट साझा कर ब्लैकमेलिंग की रणनीति पर उससे राय लेती थीं। फिलहाल पुलिस उसके मोबाइल, चैट रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा की फोरेंसिक जांच करा रही है।
अब तक जब्त हुए पांच मोबाइल
डीसीपी (क्राइम) राजेश त्रिपाठी ने बताया कि मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। अब तक पांच मोबाइल फोन जब्त किए जा चुके हैं, जिनकी साइबर और फोरेंसिक विशेषज्ञों से जांच कराई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हनीट्रैप नेटवर्क का संपर्क किन नेताओं, कारोबारियों और अधिकारियों तक था। इसके अलावा रेशु चौधरी से जुड़े जमीन खरीद-फरोख्त के एक अहम कॉन्ट्रैक्ट को भी जब्त करने की कार्रवाई की जा रही है।
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रेशू चौधरी ने ऐसे बढ़ाई हाईप्रोफाइल नेटवर्किंग
जांच में पता चला है कि सागर के मकरोनिया निवासी रेशु चौधरी ने विदेश में पढ़ाई की है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान वह दिल्ली में कई बड़े नेताओं के संपर्क में आई। बाद में उसने इन्हीं संपर्कों के जरिए मध्य प्रदेश के प्रभावशाली लोगों तक पहुंच बनाई। बताया जा रहा है कि उसने हाईप्रोफाइल नेटवर्किंग और राजनीतिक संपर्कों के सहारे अपनी पहचान बनाने की कोशिश की और धीरे-धीरे प्रॉपर्टी कारोबार में भी सक्रिय हो गई।
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अलका तस्कर है गैंग की मास्टरमाइंड
पुलिस जांच में अलका दीक्षित को इस पूरे गिरोह का कथित मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, श्वेता जैन के नेटवर्क से जुड़ने के बाद गिरोह की गतिविधियां तेजी से बढ़ीं और इसका दायरा लगातार फैलता चला गया। गौरतलब है कि, यह गैंग इतना प्रभावशाली हो गया था कि गैंग की रेशू चौधरी ने भोपाल के एक बड़े भाजपा नेता के संपर्क में आने के बाद नरयावली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी थी। उसने क्षेत्र में बड़े-बड़े होर्डिंग लगवाकर अपनी राजनीतिक मौजूदगी दर्ज कराई थी।
