CM मोहन यादव इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर का 3 मई को करेंगे भूमिपूजन; जानिए क्यों खास है यह प्रोजेक्ट
Indore News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार यानी 3 मई को इंदौर में इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर (आईपीईसी) के प्रथम चरण का भूमि-पूजन करेंगे, यह प्रोजेक्ट कई मायनों में खास है।
- Written By: सजल रघुवंशी
सीएम मोहन यादव (सोर्स- सोशल मीडिया)
Indore Pithampur Economic Corridor: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार यानी 3 मई को इंदौर में इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर (आईपीईसी) के प्रथम चरण का भूमि-पूजन करेंगे। यह पहल प्रदेश में संरचना, उद्योग और शहरी विकास को एकीकृत रूप में आगे बढ़ाने की रणनीति को स्पष्ट रूप से रेखांकित करती है।
मध्य प्रदेश को सुदृढ़ औद्योगिक आधार और आदर्श निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में आईपीईसी महत्वपूर्ण साबित होगा। कार्यक्रम में शॉर्ट फिल्म के माध्यम से कॉरिडोर के स्वरूप, संभावनाओं और क्षेत्रीय प्रभावों को दिखाया जाएगा।
सुपर कॉरिडोर से पीथमपुर तक औद्योगिक कनेक्टिविटी
यह कॉरिडोर इंदौर एयरपोर्ट के समीप स्थित सुपर कॉरिडोर को पीथमपुर निवेश क्षेत्र से जोड़ते हुए एक सुव्यवस्थित औद्योगिक धुरी के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके माध्यम से न केवल औद्योगिक इकाइयों को बेहतर कनेक्टिविटी प्राप्त होगी बल्कि लॉजिस्टिक्स, परिवहन और बाजार तक पहुंच भी अधिक प्रभावी बनेगी। यह परियोजना इंदौर क्षेत्र में विकसित हो रहे औद्योगिक क्लस्टर्स को एकीकृत कर निवेश के लिए एक संगठित और सक्षम वातावरण तैयार करेगी।
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निवेश और रोजगार को मिलेगी नई गति
इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के माध्यम से पीथमपुर निवेश क्षेत्र, लॉजिस्टिक हब, टेक्सटाइल और मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों को एकीकृत कनेक्टिविटी प्राप्त होगी। इससे उत्पादन और वितरण तंत्र अधिक प्रभावी बनेगा और उद्योगों के लिए संचालन की प्रक्रिया सरल होगी। यह परियोजना प्रदेश में निवेश प्रवाह को सुदृढ़ करने और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध होगी।
20 किलोमीटर लंबा मार्ग किया जाएगा विकसित
इस परियोजना के अंतर्गत सुपर कॉरिडोर से पीथमपुर निवेश क्षेत्र तक लगभग 20.28 किलोमीटर लंबाई का मार्ग विकसित किया जा रहा है। लगभग 1316 हेक्टेयर क्षेत्र में नियोजित विकास का प्रावधान किया गया है, जिसके लिए कुल 2360 करोड़ रु. की लागत निर्धारित की गई है। अधोसंरचना के तहत 75 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क तथा उसके दोनों ओर विकसित होने वाला बफर ज़ोन इस कॉरिडोर को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विस्तार योग्य बनाएगा।
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यह कॉरिडोर नेशनल हाईवे-47 और नेशनल हाईवे-52 के बीच प्रभावी कनेक्टिविटी स्थापित करते हुए औद्योगिक परिवहन को अधिक सुगम और समयबद्ध बनाएगा। साथ ही, यह परियोजना इन्दौर क्षेत्र में संतुलित शहरीकरण और अधोसंरचना आधारित विकास को नई दिशा प्रदान करेगी।
एजेंसी इनपुट के साथ…
