Sehore News: राजस्व मंत्री के क्षेत्र में लापरवाही की भेंट चढ़ा गेहूं, खुले में भीगा हजारों क्विंटल अनाज

Karan Singh Verma Constituency News: इछावर में बड़ी लापरवाही! राजस्व मंत्री के क्षेत्र में खुले में भीग रहा हजारों क्विंटल गेहूं। किसानों से 200 ग्राम अतिरिक्त वसूली का भी लगा आरोप।
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वेयरहाउस प्रबंधन की बड़ी लापरवाही, भीगा गेंहू (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Ichhawar Wheat Procurement Issues: मध्यप्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के विधानसभा क्षेत्र इछावर के अंतर्गत आने वाले बिलकिसगंज क्षेत्र से सरकारी सिस्टम और वेयरहाउस प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहाँ के मेसर्स भवानी वेयरहाउस (किशनपुरा) में उपार्जन केंद्र पर खुले में रखा, हजारों क्विंटल गेहूं असुरक्षित प्रबंधन के कारण खराब हो रहा है

वेयरहाउस मालिक की लापरवाही का आलम यह है कि समर्थन मूल्य पर खरीदा गया गेहूं समय रहते सुरक्षित स्थानों या गोदामों के भीतर नहीं पहुंचाया गया। वर्तमान में गेहूं खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है, जिससे इसकी गुणवत्ता पूरी तरह नष्ट हो रही है। परिवहन में देरी और वेयरहाउस प्रबंधन की शिथिलता ने शासन के 'अन्न सुरक्षा' के दावों की पोल खोल दी है।

​किसानों के हक पर डाका प्रति कट्टी 200 ग्राम की 'चोरी'

​लापरवाही के साथ-साथ यहां किसानों के शोषण का मामला भी गरमाया हुआ है। नियमों के मुताबिक बारदाने का वजन 500 ग्राम तय है लेकिन किसानों से प्रति कट्टी 50 किलो पर 700 ग्राम अतिरिक्त कट्टी का भार गेहूं लिया जा रहा है इस प्रकार, प्रत्येक बोरी पर किसानों से 200 ग्राम अतिरिक्त गेहूं अवैध रूप से वसूला जा रहा है।

किसानों ने उठाई उच्चस्तरीय जांच की मांग​

मध्य प्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के गृह क्षेत्र में ही अन्नदाता के हक को मारकर वेयरहाउस मालिक अपनी जेबें भर रहे हैं स्थानीय किसानों ने प्रशासन से इस धांधली की उच्च स्तरीय जांच और नुकसान की भरपाई की मांग की है।

बोरदी और भाऊखेड़ी में भी भीगा गेंहू

मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के इछावर, बोरदी झालकी और भाऊखेड़ी इलाकों में शनिवार को तेज हवा और आंधी के साथ हुई बेमौसम बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दीं। उपार्जन केंद्रों पर अपनी फसल लेकर पहुंचे कई किसानों का गेहूं भीग गया, जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ा। यह स्थिति तब सामने आई जब एक दिन पहले ही कलेक्टर बालागुरु के. ने संभावित असामयिक बारिश को देखते हुए गेहूं उपार्जन को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए थे। मौसम विभाग ने भी बारिश की चेतावनी जारी कर उपार्जित अनाज की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा था, लेकिन जमीनी स्तर पर इन निर्देशों का पालन नहीं हो सका।

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