अहिल्या पथ योजना के विरोध में किसानों का अर्धनग्न प्रदर्शन, आईडीए कार्यालय के बाहर दूसरे दिन भी दिया धरना

Indore Farmers Protest : इंदौर में अहिल्या पथ योजना के विरोध में किसानों ने आईडीए कार्यालय के बाहर अर्धनग्न प्रदर्शन किया। 8 गांवों की जमीन से प्रतिबंध हटाने की मांग की है।
Farmers protest against Ahilya Path project outside
आईडीए के बाहर प्रदर्शन करते किसान फोटो सोर्स - नवभारत
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Ahilya Path Yojana Farmers Protest : इंदौर में अहिल्या पथ योजना को लेकर किसानों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। योजना के दायरे में आने वाले आठ गांवों के किसानों ने आंदोलन के दूसरे दिन इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) कार्यालय के बाहर अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है कि लंबे समय से जमीनों पर लगे प्रतिबंधों के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

किसानों का आरोप है कि अहिल्या पथ योजना का प्रस्ताव लंबे समय से लंबित है और अभी तक इस पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। इसके बावजूद योजना के दायरे में आने वाली जमीनों की खरीदी-बिक्री, डायवर्जन और विकास कार्यों की अनुमति पर प्रतिबंध जारी हैं। किसानों ने कहा कि जब योजना को लेकर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है तो जमीनों को प्रतिबंधित रखना उनके हित में नहीं है।

योजना के दायरे में आठ गांवों की जमीन

अहिल्या पथ परियोजना के तहत धार रोड से उज्जैन रोड होते हुए देवास रोड को जोड़ने वाला मार्ग विकसित करने की योजना बताई जा रही है। इसके दायरे में रिजलाय, जंबूड़ी हप्सी, पालाखेड़ी, बूढ़ानिया, बड़ा बांगड़दा, लिंबोदागारी, रेवती और बरदरी गांव शामिल हैं। किसानों के मुताबिक इन गांवों की करीब 1400 हेक्टेयर जमीन योजना से प्रभावित हो रही है।

पुरानी आईडीए योजनाओं को लेकर भी नाराजगी

किसानों ने आईडीए की पुरानी योजनाओं को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इन गांवों में पहले से कई योजनाएं लागू हैं और कुछ स्थानों पर प्राधिकरण जमीनों का कब्जा भी ले चुका है। किसानों का दावा है कि नियमों के तहत जमीन का विकास करने के बाद उन्हें तय हिस्सा वापस दिया जाना था, लेकिन कई मामलों में यह प्रक्रिया अब भी लंबित है।

खरीदी-बिक्री और विकास पर रोक हटाने की मांग

किसानों की प्रमुख मांग है कि जमीनों पर लगी खरीदी-बिक्री, डायवर्जन और विकास संबंधी रोक हटाई जाए। साथ ही वे अहिल्या पथ योजना को निरस्त करने और पुरानी योजनाओं से जुड़े लंबित मामलों का समाधान करने की मांग कर रहे हैं।

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अधिकारियों ने चर्चा का दिया आश्वासन

किसान प्रदर्शन के दौरान आईडीए अधिकारियों ने किसानों से चर्चा करने और उनकी मांगों को शासन स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। हालांकि किसान आंदोलन खत्म करने को तैयार नहीं हुए। किसानों का कहना है कि केवल आश्वासन से समस्या का समाधान नहीं होगा और जमीनों पर लगे प्रतिबंधों को लेकर ठोस निर्णय होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

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