

Illegal Liquor Seizure Gwalior: ग्वालियर-शिवपुरी हाईवे पर स्थित महाकाल पंडित ढाबे से आबकारी टीम ने करीब 2300 लीटर स्प्रिट जब्त की है। विभाग के मुताबिक प्रथम दृष्टया जांच में यह स्प्रिट मानव सेवन के लिए अनुपयुक्त पाई गई है।
दरअसल कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश और आबकारी विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन में अवैध मदिरा के विनिर्माण, बिक्री, संग्रहण और परिवहन के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर आबकारी टीम ने ढाबे पर दबिश दी।
कार्रवाई के दौरान 12 प्लास्टिक ड्रमों में भरी करीब 2300 लीटर स्प्रिट बरामद हुई। इसके अलावा किंगफिशर, लेमाउंट बोल्ट और पावर ब्रांड की बीयर के साथ देशी मसाला और प्लेन शराब भी जब्त की गई। कुल 61.32 बल्क लीटर देशी और विदेशी मदिरा बरामद होने की बात आबकारी विभाग ने कही है।
मौके से अनिल शर्मा निवासी मोहना सौरभ गुर्जर निवासी कराहल श्योपुर और अरवाज खान निवासी मोहना को गिरफ्तार किया गया है। तीनों के खिलाफ मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1), 34(2) और 49-क के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
आबकारी विभाग के अनुसार आरोपियों द्वारा बरामद स्प्रिट का इस्तेमाल पेट्रोल में मिलाने के लिए किया जा रहा था। मौके से बड़ी मात्रा में ड्रमों में भरा पेट्रोल और थिनर भी मिला है। इस मामले में पुलिस को अलग से कार्रवाई के लिए सूचना दी गई है।
विभाग का दावा है कि जब्त 2300 लीटर स्प्रिट से करीब 32 लाख रुपये कीमत की अवैध और अमानक शराब बनाई जा सकती थी। वहीं स्प्रिट शराब और अन्य जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई गई है। आबकारी विभाग ने साफ किया है कि अवैध और जहरीली शराब के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
जांच में सामने आया कि इस मकान में सिर्फ नकली शराब ही नहीं, बल्कि नकली पेट्रोल भी बनाया जा रहा था। इसके लिए पेट्रोल में थिनर, इथेनॉल और दूसरे ज्वलनशील पदार्थ मिलाकर मिश्रण तैयार किया जाता था।