डिंडौरी में पंचायत का फरमान: 85 हजार वसूले और कर दिया सामाजिक बहिष्कार, पीड़ित ने लगाई न्याय की गुहार
Dindori News : डिंडौरी में पंचायत पर ₹85,500 वसूली और सामाजिक बहिष्कार के आरोप लगे हैं। पीड़ित ने मंदिर में प्रवेश रोकने और उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कलेक्टर-एसपी से जांच की मांग की है।
- Reported By: दीपक ताम्रकार | Edited By: प्रीतेश जैन
पीड़ित युवक (फोटो सोर्स- नवभारत)
Dindori Panchayat Social Boycott Case: डिंडौरी जिले के ग्राम पंचायत पड़रिया कला के पोषक ग्राम हर्रा टोला से सामाजिक बहिष्कार और कथित अवैध वसूली का मामला सामने आया है। एक युवक ने आरोप लगाया है कि समाज की पंचायत ने उससे ₹85,500 की राशि जुर्माने के नाम पर वसूल की और उसके पूरे परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया। पीड़ित ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित संदीप कुमार ने प्रशासन को दिए आवेदन में बताया कि उसका विवाह 11 मई 2025 को हिंदू रीति-रिवाज से पुष्पा नागेश के साथ हुआ था। शादी के कुछ समय बाद पति-पत्नी के बीच पारिवारिक विवाद हुआ, जिसके बाद मामला समाज की पंचायत तक पहुंचा। संदीप का आरोप है कि पंचायत ने दोनों को अलग रहने का फैसला सुनाते हुए उससे ₹85,500 जुर्माने के रूप में वसूल लिए।
सामाजिक बहिष्कार और मंदिर में प्रवेश पर रोक का आरोप
आवेदन के मुताबिक पंचायत के फैसले के बाद संदीप और उसके परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया। परिवार के सामाजिक संबंध समाप्त कर दिए गए, मंदिर में प्रवेश पर रोक लगा दी गई और सार्वजनिक जल स्रोत से पानी भरने तक में परेशान किया जाने लगा। संदीप का आरोप है कि इस कारण परिवार का सामान्य जीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है।
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पत्नी को लाने पर मारपीट और एफआईआर का आरोप
संदीप ने बताया कि कुछ समय बाद उसकी पत्नी वापस उसके साथ रहने लगी, लेकिन बाद में फिर मायके चली गई। इसके बाद जब वह पत्नी को वापस लाने गया तो उसके साथ गाली-गलौज, अभद्र व्यवहार और मारपीट का प्रयास किया गया। साथ ही उसके खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज करा दी गई, जिसमें वह फिलहाल जमानत पर है।
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प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
पीड़ित का कहना है कि उसके माता-पिता ने कई गांवों के सामाजिक लोगों की मौजूदगी में विवाद सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन लड़की पक्ष पंचायत में शामिल नहीं हुआ। इसके बावजूद सामाजिक बहिष्कार जारी रखा गया। संदीप ने प्रशासन से कथित रूप से वसूले गए ₹85,500 वापस दिलाने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।
