देवास के चिड़ावत गांव की स्थिति पर जीतू पटवारी ने सरकार पर साधा निशाना, पूछे बड़े सवाल; जानें क्या कहा?

Madhya Pradesh News: प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने देवास जिले के चिड़ावत गांव की बदहाल स्थिति को लेकर केंद्र एवं राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है।
Jitu Patwari Slams Govt Over Dewas Chidawat Village Water Crisis Jal Jeevan Mission
जीटू पटवारी (सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Jitu Patwari Target BJP: मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने देवास जिले के चिड़ावत गांव की बदहाल स्थिति को लेकर केंद्र एवं राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जिस गांव को कागजों में 'आदर्श ग्राम' बताया जा रहा है, वहां आज भी ग्रामीणों को खेतों और दूरस्थ स्थानों से डिब्बों में पानी भरकर लाना पड़ रहा है। यह स्थिति केवल एक गांव की नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और देश में चल रहे जल जीवन मिशन एवं 'हर घर नल से जल' योजना के भ्रष्टाचार की सच्चाई को उजागर करती है।

पटवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2019 में हर घर नल से जल का वादा किया था, जिसके अंतर्गत वर्ष 2024 तक प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया था। केंद्र सरकार द्वारा जल जीवन मिशन के लिए लाखों करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि अनेक गांवों में नल तो लगाए गए, पर पानी नहीं पहुंचा। कई स्थानों पर अधूरी पाइपलाइन, बंद पड़ी टंकियां और भ्रष्टाचार के मामलों ने पूरी योजना की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

चिड़ावत गांव का वीडियो अत्यंत पीड़ादायक- जीटू पटवारी

उन्होंने कहा कि देवास के चिड़ावत गांव का वीडियो अत्यंत पीड़ादायक है। महिलाएं और बच्चे पानी के लिए भटक रहे हैं, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में योजनाएं पूर्ण दर्शाई जा चुकी हैं। इससे स्पष्ट है कि सरकार की प्राथमिकता जनता को सुविधा देना नहीं, बल्कि कागजों पर विकास दिखाकर भ्रष्टाचार को संरक्षण देना है।

जल जीवन मिशन पर कही यह बात

जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में जल जीवन मिशन के अंतर्गत कई जिलों से लगातार शिकायतें सामने आई हैं। कहीं पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कें खराब छोड़ दी गईं, कहीं जल टंकियां निर्माण के कुछ समय बाद ही क्षतिग्रस्त हो गईं और कई गांवों में करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद लोगों को पानी नसीब नहीं हो रहा। यह जनता के टैक्स के पैसे की खुली लूट है।

भाजपा पर साधा निशाना

जीतू पटवारी ने कहा कि भाजपा सरकार विकास के बड़े-बड़े विज्ञापन देती है लेकिन गांवों की वास्तविकता उन दावों की पोल खोल रही है। यदि सरकार वास्तव में भ्रष्टाचार के खिलाफ होती, तो जल जीवन मिशन में हुए कार्यों का सामाजिक ऑडिट करवाती और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करती। लेकिन आज स्थिति यह है कि भ्रष्टाचार करने वालों को संरक्षण दिया जा रहा है।

पानी की कमी पर पूछा सवाल

जीतू पटवारी ने कहा कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2024-25 के केंद्रीय बजट में जल जीवन मिशन के लिए ₹70,163 करोड़ का प्रावधान किया। मध्यप्रदेश सरकार ने भी इस योजना के लिए हजारों करोड़ रुपये आवंटित किए लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जब बजट में इतनी बड़ी राशि खर्च दिखाई जा रही है, तब देवास के चिड़ावत जैसे गांवों की माताएं और बहनें बूंद-बूंद पानी के लिए क्यों भटक रही हैं? उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में योजना ईमानदारी से लागू हुई होती, तो ग्रामीणों को खेतों से डिब्बों में पानी भरकर नहीं लाना पड़ता। सरकार बताये कि हजारों करोड़ रुपये आखिर किसके हित में खर्च हुए?

मध्यप्रदेश कांग्रेस ने उठाई यह मांग

देवास जिले के चिड़ावत गांव सहित जल संकट वाले सभी गांवों का तत्काल सर्वे कराया जाए। जल जीवन मिशन के अंतर्गत हुए कार्यों की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए। जिन अधिकारियों, ठेकेदारों और एजेंसियों ने कागजों में काम दिखाकर भुगतान लिया है, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति तत्काल सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा आदर्श ग्राम घोषित गांवों की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जाए। जीटू पटवारी ने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी जनता के मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी और गांव-गांव जाकर भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार एवं झूठे विकास मॉडल की सच्चाई जनता के सामने लाएगी।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com