

Jitu Patwari vs Mohan Yadav Government: मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा है कि सरकार विभागों में गुणवत्ता और उत्कृष्टता को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नजर नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा पिछले दिनों एक-एक घंटे में कई बड़े और महत्वपूर्ण विभागों की समीक्षा करना यह दर्शाता है कि सरकार के लिए जनता का हित प्राथमिकता में नहीं है।
पटवारी ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश की आम जनता और आपकी पार्टी(BJP) के कार्यकर्ता, दोनों ही मंत्रियों से मिलने में असफल हो रहे हैं। यह स्थिति स्पष्ट करती है कि सरकार की प्राथमिकताओं में जनता और जनहित कहीं पीछे छूट चुका है।
जीतू पटवारी ने कहा कि यह देखना दिलचस्प होगा कि अगली समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री इंदौर के भागीरथपुरा की घटना, भोपाल स्लाटर हाउस में गोमांस मिलना, छिंदवाड़ा कफ सिरप प्रकरण और बरगी में हुए क्रूज़ हादसे के दौरान सरकारी लापरवाही पर क्या स्टैंड लेते हैं। इन घटनाओं ने यह साबित कर दिया है कि सरकार जिम्मेदारी निभाने में असफल रही है और आम जनता की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर नहीं है।
जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से आग्रह किया कि शिक्षा, जल संसाधन, कृषि, तकनीकी शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। साथ ही हालिया घटनाओं में हुई लापरवाही की भी निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें जल्द से जल्द सजा दिलाई जाए।
जीतू पटवारी ने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश की जनता पारदर्शिता और जवाबदेही चाहती है लेकिन वर्तमान सरकार इन अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर रही है। सरकार को चाहिए कि वह जनहित को सर्वोपरि रखते हुए अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करे और जनता का विश्वास पुनः स्थापित करे। अब जीतू पटवारी ने अपने बयानों से मध्य प्रदेश सरकार पर न केवल निशाना साधा है बल्कि उन्होंने सरकार से सीधे सवाल भी पूछे हैं।