

Datia Collector CMO Reprimand : दतिया जिले में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और जनसुनवाई में लापरवाही को लेकर कलेक्टर के सख्त तेवर सामने आए हैं। बड़ौनी में आयोजित जनसुनवाई शिविर के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ी लगातार शिकायतों पर कलेक्टर ने नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) को फटकार लगाई। इस दौरान योजना से संबंधित सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कलेक्टर नाराज हो गए।
बड़ौनी शिविर में कई लोग प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। किसी ने आवास की राशि नहीं मिलने की शिकायत की तो कुछ लोगों ने पात्र होने के बावजूद योजना का लाभ नहीं मिलने की बात कही। शिकायतों को सुनने के दौरान कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों से योजना के संचालन और जिम्मेदार अधिकारियों के बारे में जानकारी मांगी।
बताया जा रहा है कि कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने जब CMO से पूछा कि प्रधानमंत्री आवास योजना का काम कौन अधिकारी देखता है, तो वह मौके र आवास प्रभारी का नाम तक नहीं बता पाए। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। कलेक्टर ने सख्त लहजे में CMO से जवाब-तलब करते हुए योजना से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने शिविर में मौजूद अन्य अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि जनसुनवाई के दौरान आने वाली शिकायतों का गंभीरता से परीक्षण कर निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीण और आम नागरिक अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर प्रशासन के पास पहुंचते हैं। ऐसे में उनकी शिकायतों को नजरअंदाज करना या बिना उचित जांच के मामलों का निराकरण करना उचित नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं की नियमित समीक्षा करने और लंबित प्रकरणों पर प्राथमिकता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बड़ौनी शिविर के दौरान कलेक्टर द्वारा CMO को फटकार लगाए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक अमले में भी इसकी चर्चा तेज हो गई है। मामले को लेकर लोगों के बीच भी प्रधानमंत्री आवास योजना की शिकायतों और अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर चर्चा बनी हुई है।