

Rajendra Bharti Suspended: मध्यप्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव के परिणाम आने से ठीक पहले कांग्रेस ने अपने ही वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक राजेंद्र भारती के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई कर दी है। पार्टी ने उन्हें प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है। यह आदेश कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं मध्यप्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी की ओर से जारी किया गया।
यह कार्रवाई कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह की शिकायत के बाद हुई। मतदान संपन्न होने के बाद 30 जुलाई को घनश्याम सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित शीर्ष नेतृत्व को पत्र भेजकर आरोप लगाया था कि राजेंद्र भारती ने पूरे चुनाव के दौरान पार्टी हितों के विपरीत काम किया और उनकी हार सुनिश्चित करने के लिए अंदरूनी स्तर पर सक्रिय रहे।
घनश्याम सिंह ने अपने पत्र में दावा किया कि चुनाव प्रचार से लेकर मतदान तक उन्हें संगठन के एक हिस्से का सहयोग नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि राजेंद्र भारती और उनके समर्थकों ने कांग्रेस उम्मीदवार को कमजोर करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया। शिकायत में यह भी कहा गया कि भाजपा से कथित सांठगांठ कर चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की गई।
घनश्याम सिंह ने आरोप लगाया कि राजेंद्र भारती को भाजपा से आर्थिक और राजनीतिक सहयोग मिला। उन्होंने कहा कि भारती के करीबी लोगों के माध्यम से मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की गई, जिससे कांग्रेस को नुकसान पहुंचे। उन्होंने पार्टी नेतृत्व से मांग की थी कि ऐसे नेताओं पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विधायक रहने के दौरान राजेंद्र भारती ने जनता और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं को नजरअंदाज किया तथा अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल निजी हितों के लिए किया। घनश्याम सिंह ने यह भी कहा कि भारती ने भाजपा के शीर्ष नेताओं के खिलाफ कभी खुलकर राजनीतिक विरोध नहीं किया।
राजेंद्र भारती ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि यह सब संभावित चुनावी हार की आशंका से उपजे आरोप हैं। उन्होंने कहा कि जनता उनके राजनीतिक जीवन और संघर्ष से भली-भांति परिचित है, इसलिए इस तरह के आरोपों का कोई आधार नहीं है।
भारती ने पलटवार करते हुए दावा किया कि घनश्याम सिंह स्वयं भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की सहमति से चुनाव मैदान में उतरे थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनावी प्रबंधन और संसाधनों के संचालन में भाजपा से जुड़े लोगों की भूमिका रही तथा घनश्याम सिंह नरोत्तम मिश्रा के खिलाफ सीधे मुकाबले से बचना चाहते थे।
चुनाव परिणाम घोषित होने से ठीक पहले कांग्रेस की यह कार्रवाई राजनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है। इससे साफ संकेत मिलता है कि पार्टी चुनाव के दौरान अनुशासनहीनता और भितरघात के आरोपों को गंभीरता से ले रही है। अब सभी की निगाहें दतिया उपचुनाव के नतीजों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि जनता ने किसे अपना प्रतिनिधि चुना।