

MP Congress Review Meeting: मध्य प्रदेश कांग्रेस संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। चुनावी हार और संगठनात्मक कमजोरी के बाद अब कांग्रेस आलाकमान ने प्रदेश संगठन की कमान सीधे अपने हाथ में ले ली है। पार्टी नेतृत्व ने मध्य प्रदेश के शीर्ष नेताओं को 4 अगस्त को दिल्ली तलब किया है, जहां संगठन की समीक्षा और भविष्य की रणनीति को लेकर अहम बैठक होगी। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद प्रदेश कांग्रेस में बड़े संगठनात्मक फेरबदल देखने को मिल सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार बैठक में मध्य प्रदेश कांग्रेस के 'संगठन सृजन' अभियान की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। प्रदेश संगठन की मौजूदा स्थिति, जिला और ब्लॉक स्तर पर पार्टी की सक्रियता तथा संगठन को मजबूत बनाने के प्रयासों का आकलन किया जाएगा। आलाकमान यह भी देखेगा कि संगठन को जमीनी स्तर पर कितना मजबूत किया गया है।
बैठक में जिलाध्यक्षों के कामकाज की समीक्षा भी प्रमुख एजेंडे में शामिल है। सूत्रों के मुताबिक जिन जिलाध्यक्षों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा है या जो संगठन की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। रिपोर्ट कार्ड के आधार पर कई जिलाध्यक्षों को हटाकर नए चेहरों को जिम्मेदारी देने पर भी चर्चा होने की संभावना है।
बैठक में आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए नया संगठनात्मक रोडमैप तैयार किया जाएगा। साथ ही प्रदेश के मौजूदा राजनीतिक मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति, जनआंदोलनों की रूपरेखा और संगठन को सक्रिय बनाने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा होगी। कांग्रेस नेतृत्व आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की योजना पर भी विचार करेगा।
इस महत्वपूर्ण बैठक में मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, प्रदेश के सह-प्रभारी और अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। बैठक की गंभीरता को देखते हुए इसे प्रदेश कांग्रेस के लिए अहम माना जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 4 अगस्त की समीक्षा बैठक के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस संगठन में बड़े बदलाव हो सकते हैं। संगठन को नई ऊर्जा देने और आगामी चुनावों की तैयारी के लिए आलाकमान कई अहम फैसले ले सकता है। ऐसे में अब सभी की निगाहें दिल्ली में होने वाली इस बैठक पर टिकी हुई हैं।