

Datia Assembly Bypoll 2026: दतिया विधानसभा उपचुनाव में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भाजपा और कांग्रेस के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब आजाद समाज पार्टी और भारतीय भगवा पार्टी भी पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर गई हैं। एक ओर आजाद समाज पार्टी ने भाजपा और कांग्रेस पर मिलीभगत के आरोप लगाए हैं, तो दूसरी ओर किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर और भारतीय भगवा पार्टी की प्रत्याशी संजना सिंह ने विकास को अपना मुख्य चुनावी मुद्दा बनाया है।
आजाद समाज पार्टी के प्रत्याशी दामोदर यादव ने भाजपा और कांग्रेस दोनों पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों दल जनता को गुमराह करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा और कांग्रेस में कोई अंतर नहीं है और दोनों एक-दूसरे के हित में काम कर रहे हैं।
दामोदर यादव ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पर भी हमला बोलते हुए कहा कि "जय भीम" का नारा लगाकर वोट मांगने वाले लोग असली नहीं, बल्कि नकली संविधानवादी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जीतू पटवारी और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भाजपा के लिए काम कर रहे हैं और कांग्रेस को कमजोर करने की दिशा में सक्रिय हैं। उन्होंने दोनों नेताओं को भाजपा का एजेंट तक बता दिया।
अपने आरोपों के समर्थन में दामोदर यादव ने हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर और वीडियो का हवाला दिया। उनका कहना है कि एक तस्वीर में भाजपा और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ट्रेन में आमने-सामने बैठे चर्चा करते दिखाई दिए थे। वहीं एक वायरल वीडियो में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी एक-दूसरे से गले मिलते नजर आ रहे हैं। इन्हीं घटनाओं के आधार पर उन्होंने दोनों दलों के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया।
दूसरी ओर भारतीय भगवा पार्टी की प्रत्याशी और किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर संजना सिंह ने भी चुनावी मैदान में उतरकर मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। उन्होंने कहा कि यदि दतिया की जनता उन्हें आशीर्वाद देती है तो वह क्षेत्र के विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेंगी।
संजना सिंह ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि समाज के वंचित और उपेक्षित वर्गों की आवाज को मजबूती देना और दतिया के विकास को नई दिशा देना है। उन्होंने भरोसा जताया कि मतदाता विकास, बदलाव और नई सोच के आधार पर उन्हें समर्थन देंगे।
दतिया विधानसभा उपचुनाव में अब विभिन्न दलों के उम्मीदवारों के मैदान में उतरने से मुकाबला और रोचक हो गया है। एक तरफ आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज है तो दूसरी ओर विकास के वादे किए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में चुनाव प्रचार और सियासी बयानबाजी के और तेज होने की संभावना है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि दतिया की जनता किस उम्मीदवार और किस मुद्दे पर अपना भरोसा जताती है।