

MP Vidhan Sabha Monsoon Session: मध्य प्रदेश विधानसभा के 24 जुलाई तक चलने वाले पांच दिवसीय मानसून सत्र के हंगामेदार रहने के पूरे आसार हैं। एक ओर सरकार जहां यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) समेत 9 महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पेश करने की तैयारी में है, वहीं विपक्षी कांग्रेस ने किसानों, जमीन अधिग्रहण और अन्य जनहित के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है।
सत्र की शुरुआत से पहले ही कांग्रेस विधायक दल ने विधानसभा परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने खाद संकट, सरकारी खरीदी में कथित गड़बड़ी और किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिलने जैसे मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
इस दौरान कांग्रेस विधायकों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश के कृषि मंत्री के मुखौटे पहनकर सांकेतिक विरोध जताया। कांग्रेस ने सरकार पर किसान विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
पांच दिवसीय सत्र में सरकार कुल 9 महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पेश करेगी। इनमें यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को पारित कराने की भी तैयारी है। इसके अलावा वर्षों से लंबित मध्य प्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विधेयक भी इस सत्र में पेश किया जाएगा। वहीं मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय स्थापना तथा संचालन (संशोधन) विधेयक, 2026 समेत कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा होगी।
विपक्ष ने सरकार को घेरने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह सदन में UCC का विरोध करेगी। इसके अलावा किसान, जमीन अधिग्रहण, इथेनॉल परियोजनाओं और केन-बेतवा परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण जैसे मुद्दों पर सरकार को कटघरे में खड़ा करेगी। इन विषयों पर सदन में तीखी बहस और हंगामे की संभावना जताई जा रही है।
विधानसभा के मानसून सत्र का पहला दिन कई मायनों में खास रहेगा। पहली बार पूरा सत्र पूरी तरह डिजिटल होगा। सदन की कार्यवाही, दस्तावेज और अन्य प्रक्रियाएं डिजिटल माध्यम से संचालित की जाएंगी।सत्र के पहले दिन सरकार दो अध्यादेश सदन में पेश करेगी। इनमें मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज (संशोधन) अध्यादेश, 2026 और मध्यप्रदेश उपकर (संशोधन) अध्यादेश, 2026 शामिल हैं। इसके अलावा सदन में 2 ध्यानाकर्षण सूचनाएं और 25 याचिकाएं भी प्रस्तुत की जाएंगी।
सत्र के पहले दिन सदन में शोक प्रस्ताव के तहत प्रसिद्ध शायर बशीर बद्र, लोकगायिका तीजन बाई समेत पूर्व विधायकों और पूर्व मंत्री के निधन का उल्लेख करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। मध्य प्रदेश विधानसभा का यह मानसून सत्र सरकार और विपक्ष के बीच तीखे राजनीतिक टकराव का मंच बनने जा रहा है। किसानों के मुद्दों से लेकर UCC और भूमि अधिग्रहण जैसे विषयों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार बहस और हंगामे के आसार हैं।