जिला अस्पताल के दवा स्टोर रूम में मिलीं एक्सपायर दवाइयां, कलेक्टर के निरीक्षण में खुली लापरवाही, 2 सस्पेंड

Damoh Collector Inspection : दमोह जिला अस्पताल के दवा स्टोर में कलेक्टर के निरीक्षण के दौरान एक्सपायर दवाइयां, बंद फ्रीजर और स्टॉक में विसंगतियां मिलीं। दो कर्मचारियों के निलंबन के निर्देश दिए गए।
Damoh Collector Inspects District Hospital Medicine Store
कलेक्टर ने किया जिला अस्पताल का निरीक्षण(फोटो सोर्स- नवभारत)
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Damoh District Hospital Medicine Store Negligence : दमोह जिला अस्पताल में दवाओं के रखरखाव और आपूर्ति व्यवस्था में गंभीर लापरवाही सामने आई है। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बुधवार सुबह जिला अस्पताल के दवा स्टोर रूम का निरीक्षण किया, जहां एक्सपायर डेट की दवाइयां, बंद फ्रीजर में रखी दवाएं और स्टॉक में कई विसंगतियां मिलीं। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने स्टोर रूम के दो कर्मचारियों को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्टर के निरीक्षण के दौरान स्टोर रूम में कई एक्सपायर डेट की दवाइयां रखी मिलीं। इसके अलावा कुछ दवाओं की मात्रा स्टॉक रिकॉर्ड से अधिक और कुछ कम पाई गई। स्टॉक जांच में कुल छह प्रकार की दवाओं और वस्तुओं में विसंगतियां सामने आईं। कलेक्टर ने इस व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए कहा कि दवाओं की आवक-जावक का रिकॉर्ड शासन के निर्देशानुसार एमपी औषधि पोर्टल पर व्यवस्थित तरीके से दर्ज होना चाहिए।

बंद फ्रीजर में रखी मिलीं दवाइयां

निरीक्षण के दौरान कई फ्रीजर बंद पाए गए, जबकि उनके अंदर दवाइयां रखी हुई थीं। कलेक्टर ने इसे गंभीर लापरवाही माना। जिन दवाओं को निर्धारित तापमान और उचित परिस्थितियों में रखा जाना जरूरी है, उनके बंद फ्रीजर में पड़े रहने से उनकी गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका जताई गई। कलेक्टर ने सीएमएचओ को दवा भंडारण और वितरण व्यवस्था तत्काल सुधारने के निर्देश दिए हैं।

42 डिमांड पत्र मिले पेंडिंग

कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के दौरे के दौरान कई सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की कमी की शिकायतें सामने आई थीं। डॉक्टरों का कहना था कि दवाओं की डिमांड भेजने के बावजूद समय पर आपूर्ति नहीं हो रही है, जिसके कारण मरीजों को बाजार से दवाइयां खरीदनी पड़ती हैं। इसी की पड़ताल के लिए स्टोर रूम का निरीक्षण किया गया। जांच में वर्ष 2025 के तीन और वर्ष 2026 के 39 डिमांड पत्र पेंडिंग मिले।

दो कर्मचारियों के निलंबन के निर्देश

दवा आपूर्ति में हो रही देरी और स्टोर रूम की अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए कलेक्टर ने दो कर्मचारियों को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दवाइयां मरीजों के इलाज से सीधे जुड़ी आवश्यक वस्तु हैं और अस्पतालों से डिमांड मिलने के बाद उनकी आपूर्ति में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। मामले की विस्तृत जांच कर अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका भी तय की जाएगी।

सीएमएचओ कार्यालय में 16 अधिकारी-कर्मचारी मिले अनुपस्थित

कलेक्टर ने इसके बाद सीएमएचओ कार्यालय का भी निरीक्षण किया। यहां 16 अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। कलेक्टर ने सभी अनुपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों का तीन दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ डॉ. राकेश राय, सिविल सर्जन डॉ. प्रहलाद पटेल सहित अन्य डॉक्टर और अधिकारी मौजूद रहे।

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नवजात की मौत की शिकायत पर भी जांच के निर्देश

जिला अस्पताल निरीक्षण के दौरान पुष्पेंद्र राठौर नामक युवक ने कलेक्टर से मुलाकात कर आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण डिलीवरी के बाद उसके नवजात शिशु की मौत हो गई। युवक ने डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ पर समय पर इलाज नहीं करने का आरोप लगाया। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने सिविल सर्जन को मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं।

दोबारा निरीक्षण और सख्त कार्रवाई की चेतावनी

कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को समय पर दवाइयां और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने सीएमएचओ को पूरी व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए और कहा कि वह दोबारा निरीक्षण करेंगे। यदि अगली बार भी इस तरह की गंभीर लापरवाही सामने आई तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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