खजुराहो में महाराजा यशोवर्मन की स्मृति को उचित स्थान देने की मांग, स्मारक निर्माण का प्रस्ताव भेजेगी नगर परिषद

Maharaja Yashovarman Memorial: खजुराहो में महाराजा यशोवर्मन की स्मृति को उचित स्थान देने की मांग उठी है। नगर परिषद ने बस स्टैंड के जीर्णोद्धार और स्मारक निर्माण का प्रस्ताव भेजने का आश्वासन दिया है।
Khajuraho bus stand named after Maharaja Yashovarman and demand for a memorial honoring
जर्जर महाराजा यशोवर्मन बस स्टैंडफोटो सोर्स- नवभारत
Published on: 
Updated on: 

Highlights:

  • खजुराहो में महाराजा यशोवर्मन की स्मृति को उचित स्थान देने की मांग।

  • स्थानीय लोगों ने ऐतिहासिक योगदान की जानकारी देने वाला स्मारक बनाने का सुझाव दिया।

  • बस स्टैंड पर युवक मोहित तिवारी महाराजा यशोवर्मन के बारे में जानकारी नहीं दे सका।

  • नगर परिषद ने पुराने बस स्टैंड के जीर्णोद्धार का आश्वासन दिया।

  • स्मारक निर्माण की योजना को परिषद में प्रस्ताव के लिए भेजने की बात कही गई।

Khajuraho Maharaja Yashovarman : विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक नगरी खजुराहो की पहचान उसके प्राचीन मंदिरों और अद्भुत स्थापत्य कला से है। यहां की विरासत सदियों पुराने गौरवशाली इतिहास की गवाही देती है। इसी इतिहास में चंदेल शासक महाराजा यशोवर्मन का महत्वपूर्ण स्थान है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि उनकी स्मृति को खजुराहो में उचित स्थान नहीं मिल पाया है। उनके नाम से बस स्टैंड तो है, लेकिन उनके ऐतिहासिक योगदान की जानकारी देने वाले स्मारक और सार्वजनिक स्थल की जरूरत महसूस की जा रही है।

खजुराहो का प्रसिद्ध लक्ष्मण मंदिर महाराजा यशोवर्मन के शासनकाल से जुड़ी ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण उदाहरण है। इसके बावजूद स्थानीय नागरिकों, गाइड और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि उनके नाम से जुड़े बस स्टैंड के अलावा उनकी स्मृति को समर्पित कोई दूसरा प्रमुख स्मारक या सार्वजनिक स्थल उनकी जानकारी में नहीं है। उनका मानना है कि किसी ऐतिहासिक व्यक्तित्व के नाम पर स्थान का नाम रख देना पर्याप्त नहीं, बल्कि उसके पीछे के इतिहास को भी लोगों तक पहुंचाना जरूरी है।

युवक नहीं बता पाया महाराजा यशोवर्मन के बारे में

इस मुद्दे को समझने के लिए खजुराहो के बस स्टैंड पर मौजूद युवक से महाराजा यशोवर्मन के बारे में पूछा गया। वह उनके बारे में जानकारी नहीं दे सका। यह एक युवक का जवाब है, जिससे पूरी पीढ़ी के बारे में निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता, लेकिन इससे इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के प्रयासों पर विचार करने की जरूरत जरूर सामने आती है। सवाल यह है कि स्थानीय युवा और पर्यटक महाराजा यशोवर्मन के योगदान के बारे में कहां से जान सकेंगे।

स्मारक और जानकारी बोर्ड बनाने की मांग

स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की अपेक्षा है कि खजुराहो में महाराजा यशोवर्मन की स्मृति को उचित स्थान दिया जाए। इसके लिए ऐसा स्मारक या सार्वजनिक स्थल विकसित करने की मांग की जा रही है, जहां उनके जीवन और ऐतिहासिक योगदान की जानकारी उपलब्ध हो। बस स्टैंड पर जानकारी बोर्ड लगाने और व्यवस्थित स्मारक के जरिए इतिहास को पर्यटन, शिक्षा और स्थानीय पहचान से जोड़ने जैसे सुझाव भी सामने आए हैं।

स्थानीय लोगों को इतिहास से जुड़ाव की उम्मीद

गाइड श्यामलाल रजक, स्थानीय निवासी मुकेश रैकवार और सामाजिक कार्यकर्ता प्रवेश तिवारी सहित स्थानीय लोगों के बीच इस विषय को लेकर अपेक्षाएं हैं। उनका कहना है कि खजुराहो आने वाले पर्यटकों और स्थानीय युवाओं को यह जानने का अवसर मिलना चाहिए कि महाराजा यशोवर्मन कौन थे और खजुराहो के इतिहास में उनका क्या महत्व है। इस तरह की पहल से ऐतिहासिक विरासत को केवल पुस्तकों तक सीमित रखने के बजाय आम लोगों से भी जोड़ा जा सकता है।

नगर परिषद ने दिया जीर्णोद्धार का आश्वासन

स्थानीय स्तर पर उठे सवालों के बीच नगर परिषद का पक्ष भी सामने आया है। खजुराहो के मुख्य नगर परिषद अधिकारी वसंत चतुर्वेदी ने पुराने बस स्टैंड के जीर्णोद्धार का आश्वासन दिया है। इसके साथ ही महाराजा यशोवर्मन का स्मारक बनाने की योजना को परिषद में प्रस्ताव के लिए भेजने की बात कही गई है। इस आश्वासन से पहल की उम्मीद जगी है, लेकिन प्रस्ताव कब रखा जाएगा, बजट की व्यवस्था कैसे होगी और निर्माण की प्रक्रिया कब आगे बढ़ेगी, यह अभी स्पष्ट होना बाकी है।

Khajuraho bus stand named after Maharaja Yashovarman and demand for a memorial honoring
श्रद्धा दुबे केस से फिर चर्चा में आया MP का हनीट्रैप कांड, जानिए पेनड्राइव, सीडी और सियासी कनेक्शन

अब आश्वासन से आगे कार्रवाई का इंतजार

खजुराहो की ऐतिहासिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए केवल अतीत पर गर्व करना पर्याप्त नहीं है। जरूरी है कि ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के योगदान को समझने और जानने के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएं। महाराजा यशोवर्मन के नाम से जुड़े बस स्टैंड की स्थिति, उनके बारे में जानकारी की जरूरत और स्मारक निर्माण की प्रस्तावित पहल ने इस विषय को चर्चा में ला दिया है। अब नजर नगर परिषद की अगली कार्रवाई पर है, ताकि ऐतिहासिक विरासत को सम्मान देने के प्रयास जमीन पर दिखाई दें।

Navbharat Live
navbharatlive.com