स्कूल या झरना? छतरपुर के गंज प्राथमिक स्कूल में क्लासरूम बना तालाब, जान जोखिम में डालकर बाहर निकले बच्चे
Ganj School Waterlogging: छतरपुर के गंज प्राथमिक स्कूल में बारिश के दौरान क्लासरूम में तेज पानी भर गया। वायरल वीडियो में बच्चे बस्ता उठाकर पानी के बीच स्कूल से बाहर निकलते नजर आए।
- Reported By: शिबम दीक्षित | Edited By: प्रीतेश जैन
स्कूल में भरा पानी (फोटो सोर्स- नवभारत)
Chhatarpur School Viral Video: मध्यप्रदेश में सरकारी स्कूलों की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। छतरपुर जिले की राजनगर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत गंज स्थित प्राथमिक शाला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में स्कूल भवन की जर्जर हालत और बारिश के दौरान क्लासरूम के भीतर तेज पानी का बहाव साफ दिखाई दे रहा है। हालात ऐसे हैं कि स्कूल किसी शिक्षण संस्थान से ज्यादा झरने जैसा नजर आ रहा है। वायरल वीडियो ने शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ स्कूल भवनों के रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वीडियो में देखा जा सकता है कि बारिश का पानी स्कूल की छत से तेज धार के रूप में सीधे क्लासरूम में गिर रहा है। भवन की छत और दीवारें पूरी तरह क्षतिग्रस्त दिखाई दे रही हैं। क्लासरूम के भीतर पानी इस कदर भर गया कि बच्चों के बैठने की जगह तक नहीं बची। पानी का बहाव इतना तेज था कि बच्चों के जूते-चप्पल तक बहते नजर आए। मासूम छात्र-छात्राएं अपने बस्ते सिर पर या हाथों में उठाकर किसी तरह पानी से बचते हुए बाहर निकलने की कोशिश करते दिखाई दिए। यह दृश्य किसी भी अभिभावक को चिंतित करने के लिए काफी है।
हालात बिगड़ते देख बच्चों की छुट्टी
स्कूल के भीतर अचानक बिगड़े हालात को देखते हुए शिक्षकों ने तत्काल बच्चों की छुट्टी कर दी। समय रहते बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे कोई बड़ा हादसा टल गया। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल भवन लंबे समय से जर्जर हालत में है और इसकी मरम्मत की मांग कई बार की जा चुकी है, लेकिन जिम्मेदार विभाग ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। बारिश शुरू होते ही भवन की वास्तविक स्थिति सामने आ गई।
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ग्रामीणों में भारी नाराजगी
इस घटना के बाद ग्रामीणों और अभिभावकों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब भवन की हालत पहले से खराब थी तो उसमें बच्चों की कक्षाएं क्यों संचालित की जा रही थीं। यदि समय रहते स्कूल खाली नहीं कराया जाता तो बड़ा हादसा भी हो सकता था।
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जिला प्रशासन से मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से मांग की है कि स्कूल भवन का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराया जाए और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक भवन में कक्षाएं संचालित की जाएं। साथ ही जर्जर भवन की मरम्मत या नए भवन के निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल वायरल वीडियो ने सरकारी स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
