बागेश्वर धाम की महिला सुरक्षा अपील पर साध्वी हर्षानंद के सवाल, वरिष्ठ पत्रकार बोले- जिम्मेदारी से ना भागें

Bagheshwar Dham News : बागेश्वर धाम की महिला सुरक्षा अपील पर साध्वी हर्षानंद ने आश्रमों की व्यवस्था पर सवाल उठाए। सुधीर दंडोतिया ने कहा कि सुरक्षा के साथ प्रबंधन को जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए।
Women safety appeal at Bagheshwar Dham
बागेश्वर धाम में महिला सुरक्षा पर सवालफोटो सोर्स- नवभारत
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Bagheshwar Dham Women Safety Appeal : बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा को लेकर की गई अपील के बाद धार्मिक स्थलों और आश्रमों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बहस तेज हो गई है। धीरेंद्र शास्त्री ने महिलाओं से अकेले बागेश्वर धाम नहीं आने की अपील करते हुए कहा था कि यदि कोई महिला अकेले आती है तो किसी अनजान व्यक्ति या सेवादार पर आंख मूंदकर भरोसा न करे और लंबे समय तक धाम में न रुके।

धीरेंद्र शास्त्री के मुताबिक बागेश्वर धाम का क्षेत्र करीब पांच किलोमीटर में फैला हुआ है। ऐसे में पूरे इलाके में सुरक्षा उपलब्ध कराना संभव नहीं है। उन्होंने कहा था कि मंदिर और हॉल की व्यवस्था और सुरक्षा की जिम्मेदारी धाम प्रबंधन ले सकता है, लेकिन पूरे क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करना संभव नहीं है। इसी के साथ उन्होंने महिलाओं और युवतियों को अकेले आने से बचने और सावधानी बरतने की सलाह दी।

साध्वी हर्षानंद ने आश्रमों की सुरक्षा पर उठाए सवाल

इस अपील के बाद साध्वी हर्षानंद गिरि उर्फ हर्षा रिछारिया ने आश्रमों में महिलाओं की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाए। हालांकि उन्होंने अपने बयान में सीधे तौर पर बागेश्वर धाम या धीरेंद्र शास्त्री का नाम नहीं लिया। उन्होंने सवाल किया कि अगर किसी आश्रम की ओर से महिलाओं को अकेले आने से बचने और सेवादारों पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करने की सलाह दी जा रही है, तो परिवार अपने बच्चों और महिलाओं को उस आश्रम में कैसे भेजें।

'सभी आश्रम खराब नहीं, लेकिन सावधानी जरूरी'

हर्षानंद ने कहा कि सभी आश्रमों को खराब नहीं कहा जा सकता, लेकिन जहां सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हों, वहां लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने आश्रम जाने वाले लोगों को दर्शन के बाद वापस लौटने और आश्रम की राजनीति में नहीं पड़ने की सलाह भी दी। उनके बयान के बाद धार्मिक स्थलों में महिलाओं की सुरक्षा और प्रबंधन की जिम्मेदारी को लेकर चर्चा शुरू हो गई।

नवभारत की विशेष चर्चा में सुधीर दंडोतिया ने रखी बात

इसी मुद्दे पर नवभारत की विशेष चर्चा में वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक सुधीर दंडोतिया ने कहा कि अपने ही आश्रम या धार्मिक स्थल को लेकर इस तरह की चिंता सामने आना गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि अगर किसी धार्मिक स्थल पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर आशंका व्यक्त की जा रही है तो समाधान केवल श्रद्धालुओं को सावधान करने तक सीमित नहीं होना चाहिए। प्रबंधन को अपनी व्यवस्था मजबूत करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए।

'पांच किलोमीटर का क्षेत्र हो तो भी जिम्मेदारी तय हो'

सुधीर दंडोतिया ने कहा कि परिसर पांच किलोमीटर का हो या उससे बड़ा, जिस प्रबंधन ने आश्रम या धार्मिक स्थल की व्यवस्था की जिम्मेदारी ली है, उसे अपनी सीमा के भीतर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए। उनके मुताबिक महिलाओं से यह कहना कि वे अकेले न आएं या सेवादारों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें, अपने आप में कई सवाल खड़े करता है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए स्पष्ट और जवाबदेह सिस्टम जरूरी है।

'गलत सेवादारों की पहचान कर व्यवस्था से बाहर करें'

दंडोतिया ने चर्चा के दौरान कहा कि अगर आश्रम की छवि और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता है तो प्रबंधन को अपने स्तर पर ऐसे सेवादारों की पहचान करनी चाहिए, जिनकी गतिविधियां संदिग्ध हो सकती हैं, और उन्हें व्यवस्था से बाहर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने वाले धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा की जिम्मेदारी स्पष्ट होनी चाहिए। केवल लोगों को सावधान रहने की अपील करने के साथ-साथ अंदर की व्यवस्था को भी जवाबदेह बनाना जरूरी है।

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महिला सुरक्षा पर बहस, जिम्मेदारी किसकी?

बागेश्वर धाम की अपील और उसके बाद साध्वी हर्षानंद के बयान ने धार्मिक स्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा और प्रबंधन की जिम्मेदारी को लेकर नई बहस छेड़ दी है। एक तरफ श्रद्धालुओं, खासकर महिलाओं को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है, वहीं दूसरी तरफ सवाल उठ रहा है कि अगर आश्रम के भीतर मौजूद लोगों पर ही भरोसा नहीं किया जा सकता तो वहां आने वाले परिवारों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी होगी। सुधीर दंडोतिया ने भी इसी सवाल को केंद्र में रखते हुए कहा कि श्रद्धालुओं को सावधान करने के साथ-साथ आश्रम और धार्मिक स्थल प्रबंधन को अपनी सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से तय करनी चाहिए।

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