‘BJP ने मोहन को CM बनाया, अब हटाने की साजिश…’ चंद्रशेखर का बड़ा दावा, जातिगत जनगणना पर बड़ा हमला
Chandrashekhar Remark on Mohan Yadav: नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने सत्ता पक्ष पर तीखा हमला बोला है। सिंधु भवन में कार्यकर्ताओं के बीच गरजते हुए उन्होंने सरकार की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े किए।
- Written By: सौरभ शर्मा
नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद (फोटो- सोशल मीडिया)
Chandrashekhar Azad in MP: नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद ने भोपाल में सत्ता पक्ष पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। सिंधु भवन में कार्यकर्ताओं के बीच गरजते हुए उन्होंने सरकार की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े किए। आजाद ने साफ कहा कि अगर चुनाव आयोग एक महीने में सौ करोड़ लोगों की एसआईआर प्रक्रिया पूरी कर सकता है, तो फिर 11-12 साल से जातिगत जनगणना क्यों नहीं हो पा रही है। उनके इस बयान ने सियासी पारे को एक बार फिर से गरमा दिया है।
उन्होंने इतिहास के पन्ने पलटते हुए याद दिलाया कि 1931 में ही मध्यप्रदेश में पिछड़ा वर्ग 52 प्रतिशत था, लेकिन आज तक उन्हें उनका हक नहीं मिल पाया। उन्होंने आरोप लगाया कि काका कालेलकर की रिपोर्ट को कांग्रेस ने डस्टबिन में डाला, तो वहीं मंडल आयोग के वक्त भाजपा ने समर्थन खींच लिया था। आजाद ने दावा किया कि अगर आज गिनती हो जाए तो एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यकों की आबादी 90 फीसदी निकलेगी, लेकिन सरकार कभी बजट तो कभी समय का बहाना बनाकर इसे लगातार टाल रही है।
सीएम की कुर्सी और अपमान का खेल
चंद्रशेखर आजाद ने मध्य प्रदेश की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकारें पिछड़ों की विरोधी हैं। उन्होंने कहा कि संख्या के दबाव और मजबूरी में ओबीसी चेहरा सीएम तो बना दिया जाता है, लेकिन उन्हें वो सम्मान नहीं मिलता जिसके वे हकदार हैं। शिवराज सिंह चौहान के समय उन्हें गालियां दी गईं और अब जब मोहन यादव मुख्यमंत्री हैं, तो उन्हें भी हटाने की साजिशें शुरू हो गई हैं।
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आजाद ने कहा कि वैचारिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन जैसे ही 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण की बात उठी, सीएम के खिलाफ माहौल बनाया जाने लगा। इससे साफ पता चलता है कि पिछड़ों का असली सम्मान किस दल में है।
3 करोड़ वोट और नफरत का बाजार
आजाद ने एक चौंकाने वाला आंकड़ा देते हुए बताया कि एसआईआर के नाम पर करीब 2.98 करोड़ वोट काट दिए गए, जो ऑस्ट्रेलिया की कुल आबादी से भी ज्यादा है। उन्होंने देश के हालात पर चिंता जताते हुए कहा कि मुसलमानों के खिलाफ नफरत फैलाई जा रही है और ईसाइयों को प्रार्थना करने पर पीटा जा रहा है।
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उन्होंने सवाल उठाया कि तलवार बांटने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं होती और वे टीवी पर इंटरव्यू देते हैं, लेकिन आम आदमी बोले तो एनएसए लग जाता है। उन्होंने एक आदिवासी आईएएस अधिकारी का उदाहरण देते हुए कहा कि जब एक अधिकारी की नहीं सुनी जा रही तो गरीब की कौन सुनेगा। आजाद ने यह भी कहा कि संविधान का मजाक उड़ रहा है, जहां एक बाबा को गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाता है और सवाल उठाने पर ही जांच बैठती है।
