Bhopal Police Model: एक थाने में दो टीआई, भोपाल में लागू हुआ अनोखा टू आईसी मॉडल
Police Commissionerate: मॉडल के सफल होने पर पूरे प्रदेश में लागू होगा ,पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर सबसे पहले यह व्यवस्था भोपाल Police में लागू , अतिरिक्त टीआई सीधे तौर पर शिकायतों की मॉनिटरिंग करेंगे।
- Written By: सुधीर दंडोतिया
एक थाने में दो टीआई भोपाल में लागू हुआ (सोर्स: सोशल मीडिया )
Bhopal Police News: राजधानी भोपाल में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम में काम में तेजी लाने के लिए ” टू आईसी मॉडल“ लागू कर दिया गया है। इसके तहत हर थाने में दो थाना प्रभारी नियुक्त किए जाएंगे। जिसका मकसद तत्काल फरियाद सुन त्वरित निराकरण करना होगा। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर सबसे पहले यह व्यवस्था भोपाल में लागू की गई है। भोपाल के दो थानों निशातपुरा और हबीबगंज में अतिरिक्त थाना प्रभारी (टीआई) की नियुक्ति की गई है।
थानों में दो टीआई नियुक्त
निशातपुरा थाने में कार्यवाहक निरीक्षक अनिल यादव और हबीबगंज थाने में नीतू कुंसारिया को अतिरिक्त टीआई के रूप में पदस्थ किया गया है। ये अधिकारी थाना प्रभारी के समान ही जिम्मेदारियां निभाएंगे और POLICE कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने इस बात पर विशेष जोर दिया है कि शिकायतों के निपटारे में किसी तरह की देरी न हो।
यह भी पढ़े :सीएम हाउस के पास अब नहीं कर सकेंगे धरना-प्रदर्शन, पुलिस कमिश्नर ने जारी किया आदेश
सम्बंधित ख़बरें
‘चुनाव आयोग ने अपराध किया है…’, MP की तीन राज्यसभा सीटों पर भाजपा की जीत के बाद आई कांग्रेस की प्रतिक्रिया
MP राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को बड़ा झटका; भाजपा के तीनों उम्मीदवार निर्विरोध जीते
भोपाल के बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी में ABVP का प्रदर्शन! परीक्षा और परिणामों में देरी पर छात्रों का फूटा आक्रोश
अतिक्रमण विवाद ने लिया हिंसक रूप, अधिकारियों के सामने बवाल, मौदा में लाठी-डंडे चले, कई घायल; गांव में तनाव
टू आईसी मॉडल में क्या होगा ?
नई व्यवस्था के तहत अतिरिक्त टीआई सीधे तौर पर शिकायतों की मॉनिटरिंग करेंगे और लंबित मामलों को तेजी से सुलझाने की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। अधिकारियों का मानना है कि इससे थानों में कार्यभार कम होगा और आम नागरिकों को बेहतर पुलिस सेवाएं मिलेंगी। इन अतिरिक्त निरीक्षकों (टूआईसी) को माइक्रो बीट सिस्टम को मजबूत करने, सीएम हेल्पलाइन से जुड़ी शिकायतों के समाधान और रात्रि गश्त की निगरानी जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं।
