ट्विशा शर्मा केस: CBI ने तेज की जांच, मनोचिकित्सक और गर्भपात कराने वाली डॉक्टर से पूछताछ
CBI Investigation Twisha Sharma: ट्विशा शर्मा केस में CBI ने जांच तेज कर दी है। एजेंसी ने मनोचिकित्सक और गर्भपात कराने वाली डॉक्टर से पूछताछ की है। मेडिकल रिकॉर्ड और अन्य सबूतों की जांच की जा रही है।
- Reported By: सुधीर दंडोतिया | Edited By: प्रीतेश जैन
ट्विशा शर्मा, CBI (फोटो सोर्स- नवभारत डिजाइन)
Twisha Sharma Death Case Update: राजधानी भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा डेथ केस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने जांच की रफ्तार बढ़ा दी है। जांच एजेंसी अब ट्विशा शर्मा के मेडिकल रिकॉर्ड, मानसिक स्वास्थ्य उपचार और गर्भपात से जुड़ी परिस्थितियों की गहन पड़ताल कर रही है। इसी क्रम में सीबीआई ने ट्विशा का इलाज करने वाले मनोचिकित्सक से पूछताछ की है, जबकि गर्भपात कराने वाली डॉक्टर के भी बयान दर्ज किए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार एजेंसी यह समझने का प्रयास कर रही है कि ट्विशा की मानसिक स्थिति, व्यवहार और विभिन्न परिस्थितियों में उनकी प्रतिक्रियाओं से मामले से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं या नहीं। जांच का एक प्रमुख हिस्सा उसकी मृत्यु से पहले हुई काउंसलिंग और चिकित्सकीय परामर्श से जुड़ी जानकारियां हैं।
मेडिकल रिकॉर्ड बने जांच का अहम आधार
ट्विशा शर्मा की मौत के अगले दिन उसकी सास और सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह द्वारा कुछ मेडिकल दस्तावेज सार्वजनिक किए गए थे। इन दस्तावेजों में दावा किया गया था कि ट्विशा का इलाज एक मनोचिकित्सक के पास चल रहा था। अब यही रिकॉर्ड सीबीआई जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गए हैं। सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसी ने संबंधित मनोचिकित्सक से यह जानने का प्रयास किया है कि उपचार और काउंसलिंग के दौरान ट्विशा ने कौन-कौन सी बातें साझा की थीं, जो मामले की सच्चाई तक पहुंचने में मदद कर सकती हैं।
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गर्भपात से जुड़े फैसले की भी पड़ताल
सीबीआई ने ट्विशा शर्मा का गर्भपात करने वाली डॉक्टर से भी विस्तृत पूछताछ की है। जांच के दौरान यह जानने की कोशिश की गई कि गर्भपात का निर्णय किन परिस्थितियों में लिया गया, उसमें किसकी सहमति शामिल थी और उस समय ट्विशा की मानसिक एवं भावनात्मक स्थिति क्या थी। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में मरीज की विस्तृत काउंसलिंग की जाती है। इसी कारण एजेंसी उस दौरान हुई चर्चाओं और परिस्थितियों को समझने का प्रयास कर रही है।
विवादों में घिरा थानेदार छुट्टी पर
मामले की जांच के दौरान प्रॉपर्टी सीजर में कथित लापरवाही और बेल्ट जब्ती को लेकर विवादों में आए संबंधित थानेदार ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अवकाश ले लिया है। हालांकि पुलिस विभाग की ओर से इसे नियमित चिकित्सकीय अवकाश बताया गया है।
जेल में किताब पढ़ती मिलीं गिरिबाला सिंह
इधर, भोपाल सेंट्रल जेल में बंद आरोपी और पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह से मिलने मध्यप्रदेश महिला आयोग की टीम पहुंची। निरीक्षण के दौरान गिरिबाला सिंह प्रसिद्ध लेखक देवदत्त पटनायक की पुस्तक ‘द प्रेग्नेंट किंग’ पढ़ती हुई दिखाई दीं। महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव ने निरीक्षण के बाद कहा कि जेल में गिरिबाला सिंह को किसी प्रकार की विशेष सुविधा या वीआईपी ट्रीटमेंट दिए जाने के प्रमाण नहीं मिले हैं। आयोग को ऐसा कोई संकेत नहीं मिला कि जेल प्रशासन उन्हें विशेष रियायत दे रहा है।
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कई बिंदुओं पर समानांतर जांच
सीबीआई फिलहाल मेडिकल रिकॉर्ड, मानसिक स्वास्थ्य उपचार, गर्भपात से जुड़ी परिस्थितियां, घटनास्थल से जब्त सामग्री और प्रारंभिक पुलिस कार्रवाई सहित कई पहलुओं पर समानांतर जांच कर रही है। एजेंसी को उम्मीद है कि विभिन्न पक्षों के बयान और दस्तावेजों के मिलान से मामले की कई महत्वपूर्ण कड़ियां सामने आ सकती हैं।
