दो दिन बाद पानी में समा जाएगा सागर का सलैया गांव! आंखों में आंसू लिए घर छोड़ने को मजबूर हैं ग्रामीण

Uldhan Dam Project: सागर जिले के सलैया गांव को उल्धन बांध परियोजना के चलते खाली कराया जा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक 2 दिन बाद पूरा गांव डूब जाएगा। मुआवजे और पुनर्वास को लेकर लोगों में नाराजगी है।
Sagar Salaiya Village Submergence
विस्थापन का दर्द झेल रहा गांव (फोटो सोर्स- नवभारत)
Published on
Updated on

Sagar Salaiya Village Submergence: सागर जिले की बंडा तहसील स्थित सलैया गांव इन दिनों गहरे भावनात्मक दौर से गुजर रहा है। उल्धन बांध परियोजना के कारण गांव को खाली कराने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। प्रशासन ने ग्रामीणों को गांव खाली करने के लिए अंतिम समय सीमा दे दी है। ग्रामीणों का कहना है कि अगले दो दिनों में उनका पूरा गांव जलमग्न हो सकता है और पीढ़ियों से संजोई गई यादें हमेशा के लिए पानी में समा जाएंगी।

गांव में इन दिनों चिंता और अनिश्चितता का माहौल है। प्रशासनिक अधिकारी और पुलिसकर्मी लगातार गांव पहुंचकर लोगों से जल्द से जल्द मकान खाली करने की अपील कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार बारिश शुरू होने के बाद बांध का जलस्तर बढ़ेगा और पूरा क्षेत्र डूब क्षेत्र में आ जाएगा।

ग्रामीणों की आंखों में विस्थापन का दर्द

सलैया की गलियों में अब पहले जैसी चहल-पहल नहीं दिखाई देती। जिन आंगनों में बच्चों की आवाजें गूंजती थीं, वहां अब विस्थापन की चिंता दिखाई देती है। बच्चे भी अपने परिवारों से यह सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर उन्हें अपना घर क्यों छोड़ना पड़ रहा है और आगे उनका जीवन कहां बसेगा।

पानी में समा जाएंगी दशकों की यादें

ग्रामीणों से बातचीत के दौरान कई बुजुर्ग भावुक हो गए। गांव की निवासी माता राम ने बताया कि करीब पांच दशक पहले विवाह के बाद वह इस गांव में आई थीं। उन्होंने यहीं अपना परिवार बसाया और जीवन का अधिकांश समय इसी मिट्टी में बिताया। अब घर और गांव छोड़ने की मजबूरी उन्हें भीतर तक परेशान कर रही है।

पुनर्वास और मुआवजे को लेकर असंतोष

विस्थापन प्रक्रिया को लेकर ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें जिस स्थान पर बसाया जा रहा है, वह गांव से लगभग 20 किलोमीटर दूर है। उनका कहना है कि वहां एक केमिकल फैक्ट्री संचालित होती है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं। कई ग्रामीणों ने मुआवजे और पुनर्वास व्यवस्था को लेकर भी असंतोष व्यक्त किया है।

नियमानुसार हो रही विस्थापन की प्रक्रिया

वहीं सागर जिला प्रशासन का कहना है कि विस्थापन की प्रक्रिया नियमानुसार की जा रही है। एसडीएम आरती यादव के अनुसार उल्धन बांध परियोजना से क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा और हजारों किसानों को लाभ मिलेगा। हालांकि विकास और पुनर्वास के इस संघर्ष के बीच सलैया के लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि अपने गांव से बिछड़ने के बाद उनका भविष्य कैसा होगा।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com