

Twisha Sharma Death Case : भोपाल की मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में आरोपी रिटायर्ड जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की नियमित जमानत याचिका पर आज जबलपुर हाईकोर्ट में सुनवाई संभव है। गिरिबाला सिंह के अधिवक्ता ने अदालत से मामले को आज सुनवाई के लिए लेने का अनुरोध किया है। पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने सीबीआई को जमानत याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया था।
पिछली सुनवाई के दौरान केंद्रीय जांच ब्यूरो ने केस डायरी और जमानत याचिका पर अपनी आपत्ति दर्ज कराने के लिए समय मांगा था। इसके चलते जमानत पर सुनवाई आगे बढ़ा दी गई थी। अब सीबीआई की रिपोर्ट और आपत्ति सामने आने के बाद अदालत मामले पर आगे सुनवाई कर सकती है। गिरिबाला सिंह फिलहाल न्यायिक हिरासत में भोपाल जेल में बंद हैं।
गिरिबाला सिंह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह ने पिछली सुनवाई में पक्ष रखा था। बचाव पक्ष का तर्क है कि आरोपी के खिलाफ ऐसा ठोस साक्ष्य नहीं है, जिससे यह साबित हो कि उन्होंने अपनी बहू ट्विशा को आत्महत्या के लिए उकसाया। इसी आधार पर नियमित जमानत दिए जाने की मांग की गई है।
ट्विशा शर्मा की शादी 9 दिसंबर 2025 को गिरिबाला सिंह के बेटे समर्थ सिंह से हुई थी। 12 मई 2026 को ट्विशा की मौत के बाद उनका शव भोपाल स्थित ससुराल में फंदे से लटका मिला था। इसके बाद उनके मायके पक्ष ने दहेज और मानसिक प्रताड़ना सहित कई आरोप लगाए। मामले में पुलिस जांच के बाद सीबीआई ने जांच अपने हाथ में ली। हाईकोर्ट के रिकॉर्ड में भी 12 मई की मौत और बाद में दर्ज एफआईआर का उल्लेख है।
जांच में ट्विशा शर्मा के मोबाइल फोन, व्हाट्सऐप चैट और कॉल डिटेल रिकॉर्ड समेत इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को अहम माना गया है। हाईकोर्ट के मई के आदेश में जांच एजेंसी की ओर से 30 अप्रैल, 7 मई, 9 मई और 11 मई की व्हाट्सऐप चैट का उल्लेख किया गया था। 12 मई को ट्विशा की अपनी मां से फोन पर बातचीत का भी रिकॉर्ड में जिक्र है। इन साक्ष्यों की जांच के आधार पर ही मामले की आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
जुलाई 2026 में भोपाल की अदालत ने गिरिबाला सिंह की नियमित जमानत याचिका खारिज की थी। रिपोर्टों के मुताबिक अदालत ने केस डायरी में मौजूद सामग्री और जांच को प्रभावित होने की आशंका को ध्यान में रखा था। इससे पहले मई में हाईकोर्ट ने उन्हें मिली अग्रिम जमानत भी रद्द कर दी थी।
अब हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई में सीबीआई की आपत्ति और केस डायरी में सामने आए तथ्यों पर चर्चा हो सकती है। अदालत के सामने बचाव पक्ष और जांच एजेंसी दोनों के तर्क रखे जाएंगे। इसके बाद गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर कोर्ट आगे की कार्रवाई तय करेगा।