

Twisha Sharma Death Case Update : भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई अब विशेष न्यायाधीश (ओडब्ल्यू) पल्लवी द्विवेदी की अदालत में होगी। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार श्रीवास्तव ने मामले को संबंधित विशेष अदालत में स्थानांतरित कर दिया है। खास बात यह है कि इसी अदालत से गिरिबाला सिंह को मामले की शुरुआती सुनवाई के दौरान अग्रिम जमानत मिली थी।
वकील अंकुर पांडे के अनुसार, विशेष न्यायाधीश (ओडब्ल्यू) की अदालत ने पहले गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत दी थी। हालांकि बाद में जबलपुर हाईकोर्ट ने उनकी जमानत रद्द कर दी थी। इसके बाद मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कार्रवाई करते हुए गिरिबाला सिंह को हिरासत में लिया था। इसके बाद से वह न्यायिक हिरासत में हैं।
मामले में अब चार्जशीट दाखिल होने के बाद न्यायिक प्रक्रिया का अगला महत्वपूर्ण चरण आरोप तय करने का होगा। उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों के तहत आरोप पत्र पेश होने के बाद निचली अदालतों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर आरोपियों पर आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का प्रयास करना होता है। ऐसे मामलों में 60 से 90 दिनों के भीतर फ्रेमिंग ऑफ चार्जेस की प्रक्रिया पूरी करने पर जोर दिया गया है।
CBI ने 17 अगस्त को भोपाल अदालत में गिरिबाला सिंह, उनके बेटे और ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह के खिलाफ चालान पेश किया था। चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामले की सुनवाई ट्रायल की दिशा में आगे बढ़ेगी। कोर्ट में अभियोजन पक्ष के दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर आरोप तय किए जाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
CBI की चार्जशीट के अनुसार, एम्स दिल्ली की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ट्विशा के शरीर पर किसी भी तरह की गंभीर चोट के निशान नहीं पाए गए थे। वहीं, इससे पहले एम्स भोपाल की शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत से पहले शरीर पर छह चोटों के निशान दर्ज किए गए थे। दोनों मेडिकल रिपोर्टों में दर्ज निष्कर्षों को लेकर जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान विभिन्न पहलुओं पर विचार किया जा सकता है।
मामले के विशेष अदालत में स्थानांतरण के बाद अब आगे की न्यायिक कार्रवाई वहीं होगी। चार्जशीट, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट आरोप तय करने की प्रक्रिया पूरी करेगी। ट्विशा शर्मा मौत मामला पहले से ही चर्चाओं में रहा है और अब मुकदमे की सुनवाई आगे बढ़ने के साथ मामले में नए कानूनी घटनाक्रम सामने आने की संभावना है।