न कोर्ट स्टे, न चॉइस फिलिंग... सिर्फ कोरा आश्वासन! चयनित शिक्षक-अभ्यर्थियों का डीपीआई के सामने प्रदर्शन

Bhopal News: MP में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में लगातार हो रही देरी अब गंभीर मुद्दा बनती जा रही है। चयन परीक्षा पास कर चुके अभ्यर्थियों ने नियुक्ति नहीं मिलने से नाराज होकर आंदोलन शुरु कर दिया है।
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अभ्यर्थियों का प्रदर्शन (सोर्स- नवभारत रिपोर्टर)
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MP Teacher Recruitment Delay: मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में लगातार हो रही देरी अब गंभीर मुद्दा बनती जा रही है। माध्यमिक और प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा पास कर चुके अभ्यर्थियों ने नियुक्ति नहीं मिलने से नाराज होकर आंदोलन का ऐलान कर दिया है। इसी कड़ी में बुधवार को अभ्यर्थियों ने लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) के बाहर प्रदर्शन करते हुए भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग उठाई।

करीब 10,700 अभ्यर्थियों की चयन सूची जारी हुए लगभग 9 महीने गुजर चुके हैं, लेकिन अब तक न तो नियुक्ति आदेश जारी किए गए हैं और न ही चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया शुरू हो पाई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि यह भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2022 में शुरू हुई थी। इसके तहत 2023 में पात्रता परीक्षा आयोजित की गई, जबकि अप्रैल 2025 में चयन परीक्षा कराई गई। लंबी प्रक्रिया के बाद सितंबर 2025 में परिणाम घोषित कर चयन सूची जारी की गई, लेकिन इसके बाद से प्रक्रिया ठप पड़ी है।

9 महीने से इंतजार कर रहे चयनित उम्मीदवार

राजधानी भोपाल में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा संचालन नियम पुस्तिका की धारा 3.28 के मुताबिक चयन सूची जारी होने के तीन महीने के भीतर नियुक्ति आदेश जारी करना अनिवार्य है। इसके बावजूद 8 से 9 महीने बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे अभ्यर्थियों में लगातार नाराजगी बढ़ रही है।

टाइमलाइन से समझिए पूरा मामला

पड़ाव समय
भर्ती प्रक्रिया का आगाज वर्ष 2022
पात्रता परीक्षा वर्ष 2023
चयन परीक्षा का आयोजन अप्रैल 2025
परिणाम घोषित सितंबर 2025
प्रभावित अभ्यर्थियों की संख्या लगभग 10,700
मौजूदा गतिरोध चॉइस फिलिंग और जॉइनिंग आदेश का अभाव

चयनित उम्मीदवारों ने लगाए यह आरोप

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रदर्शन कर रहे चयनित उम्मीदवारों का आरोप है कि अब तक न तो पात्र और अपात्र अभ्यर्थियों की सूची जारी की गई है और न ही चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया शुरू हुई है। नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 तक कई बार विभागीय अधिकारियों से संपर्क किया गया लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। मार्च में चॉइस फिलिंग और अप्रैल में जॉइनिंग शुरू कराने की बात कही गई थी, जो अब तक पूरी नहीं हो सकी है।

10 हजार से ज्यादा युवा परेशान

करीब 10 हजरा 700 चयनित अभ्यर्थी इस देरी का खामियाजा भुगत रहे हैं। उनका कहना है कि अप्रैल 2026 से नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है, इसके बावजूद नियुक्ति न मिलना उनके भविष्य के साथ अन्याय है। अभ्यर्थियों का यह भी आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया पर किसी प्रकार का कोर्ट स्टे नहीं है, फिर भी देरी के लिए बार-बार कानूनी कारणों का हवाला दिया जा रहा है।

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