अरुणाचल पहुंचे शिवराज सिंह चौहान, मौसम की खराबी से रुका हवाई सर्वे; कल दिनभर बाढ़ पीड़ितों के बीच रहेंगे
Arunachal Pradesh Flood: पूर्वोत्तर में बाढ़ का तांडव, खराब मौसम से केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का हवाई सर्वे टला, अब 1 जुलाई को असम-अरुणाचल का करेंगे कूट जमीनी दौरा।
- Reported By: सुधीर दंडोतिया | Edited By: सजल रघुवंशी
शिवराज सिंह चौहान (सोर्स- सोशल मीडिया)
Shivraj Singh Chouhan Northeast Visit: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान मंगलवार को अरुणाचल प्रदेश पहुंचे, जहां उनका बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे प्रस्तावित था। हालांकि, खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका, जिससे हवाई निरीक्षण स्थगित करना पड़ा।
इसके बावजूद केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि राहत कार्यों की समीक्षा में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने घोषणा की कि 1 जुलाई को अरुणाचल प्रदेश और असम के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दिनभर जमीनी और हवाई दौरा कर हालात का विस्तृत जायजा लिया जाएगा। इस दौरान केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू और राज्य के मुख्यमंत्री भी उनके साथ मौजूद रहेंगे।
बाढ़ पीड़ितों से मिले, किसानों को हरसंभव मदद का दिया भरोसा
इटानगर पहुंचने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने सबसे पहले बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से आए लोगों, किसानों और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस दौरान लोगों ने खेतों में जलभराव, फसलों के नुकसान, पशुधन की हानि और घरों को हुए नुकसान की जानकारी दी। केंद्रीय मंत्री ने सभी की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार किसी भी प्रभावित परिवार को सहायता से वंचित नहीं रहने देगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार पूर्वोत्तर के किसानों और ग्रामीणों के साथ मजबूती से खड़ी है और हर आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
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अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक, राहत और पुनर्वास पर जोर
इटानगर सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में शिवराज सिंह चौहान ने अरुणाचल प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बाढ़ की स्थिति, राहत कार्यों, पुनर्वास योजनाओं और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को राहत वितरण में तेजी लाने और प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का व्यापक आकलन कर केंद्र सरकार हरसंभव आर्थिक और प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराएगी, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति जल्द बहाल हो सके।
हवाई सर्वे से होगा नुकसान का आकलन, किसानों की समस्याओं पर रहेगा फोकस
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि 1 जुलाई को वे अरुणाचल प्रदेश और असम के बाढ़ प्रभावित जिलों का दौरा करेंगे। वे राहत शिविरों में रह रहे लोगों से मुलाकात करेंगे और किसानों के खेतों में पहुंचकर फसलों, पशुधन और ग्रामीण जीवन पर पड़े असर का प्रत्यक्ष निरीक्षण करेंगे। हेलीकॉप्टर से नदियों, तटबंधों, सड़कों और कृषि क्षेत्रों का हवाई सर्वे भी किया जाएगा। शाम को गुवाहाटी में असम सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत वितरण, तटबंधों की मरम्मत, बाढ़ प्रबंधन और किसानों को आर्थिक सहायता देने के उपायों पर चर्चा होगी।
‘कोई कसर नहीं छोड़ेंगे’, दीर्घकालिक समाधान पर भी रहेगा जोर
मीडिया से बातचीत में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश इस समय भीषण प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है। भारी बारिश और भूस्खलन के कारण सड़कें, पुल और कई मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि संतरा, केला और धान जैसी फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर वे प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर वास्तविक स्थिति का आकलन करेंगे और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता सुनिश्चित करेंगे।
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उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल तत्काल राहत देना नहीं बल्कि भविष्य में बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए बेहतर ड्रेनेज सिस्टम, मजबूत तटबंध, सुरक्षित राहत शिविर और प्रभावी फसल बीमा जैसी दीर्घकालिक योजनाओं पर भी काम करना है। उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर इस संकट से प्रदेश को बाहर निकालने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगी।
