PWD में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: हटाए गए प्रभारी प्रमुख अभियंता केपीएस राणा, आरएल वर्मा को मिली जिम्मेदारी
KPS Rana Removed : मध्य प्रदेश लोक निर्माण विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। प्रभारी प्रमुख अभियंता केपीएस राणा को हटाकर आरएल वर्मा को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- Reported By: सुधीर दंडोतिया | Edited By: प्रीतेश जैन
कॉन्सेप्ट इमेज (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
PWD Chief Engineer Transfer: मध्य प्रदेश लोक निर्माण विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए प्रभारी प्रमुख अभियंता केपीएस राणा को उनके पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह जबलपुर में पदस्थ प्रभारी मुख्य अभियंता आर.एल. वर्मा को नया प्रभारी प्रमुख अभियंता नियुक्त किया गया है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री मोहन यादव और लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह की नाराजगी के बाद बुधवार देर रात की गई।
प्रदेश में तबादला प्रक्रिया शुरू होने के बाद विभाग प्रमुख स्तर के किसी अधिकारी पर हुई यह पहली बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। विभागीय सूत्रों के अनुसार पिछले कुछ महीनों से विभाग के कामकाज, परियोजनाओं की प्रगति और गुणवत्ता को लेकर लगातार असंतोष की स्थिति बनी हुई थी।
काम की रफ्तार और गुणवत्ता पर सवाल
जानकारी के अनुसार लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह जिन परियोजनाओं को तय समयसीमा में और बेहतर गुणवत्ता के साथ पूरा कराना चाहते थे, उनमें अपेक्षित प्रगति नहीं हो पा रही थी। कई परियोजनाओं में प्रशासनिक निगरानी और क्रियान्वयन को लेकर भी सवाल उठ रहे थे। विभाग के भीतर निर्णय प्रक्रिया और कार्यों की मॉनिटरिंग को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं।
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गारंटी अवधि की सड़कों का मामला बना विवाद
हाल ही में गारंटी अवधि में शामिल कुछ सड़कों के पुनर्निर्माण से जुड़े प्रस्ताव विभाग तक पहुंचे थे। आश्चर्यजनक रूप से इन प्रस्तावों पर प्रारंभिक स्तर पर कार्रवाई भी आगे बढ़ गई थी। मामला सामने आने के बाद विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित इंजीनियरों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इस घटनाक्रम ने विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे। माना जा रहा है कि यह मामला भी केपीएस राणा के खिलाफ बने माहौल की एक बड़ी वजह बना।
सिंहस्थ-2028 की तैयारियों पर जताई गई नाराजगी
मंगलवार को सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर मंत्रिमंडल समिति की बैठक आयोजित हुई थी। बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति पर असंतोष जताया था। उन्होंने कहा था कि प्रयागराज कुंभ की तर्ज पर सिंहस्थ में भी करोड़ों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, इसलिए सड़क, पुल और आवागमन से जुड़े सभी कार्य समय पर तथा उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद विभाग में तेजी से मंथन हुआ और अगले ही दिन देर रात केपीएस राणा को हटाने तथा आर.एल. वर्मा को नई जिम्मेदारी सौंपने के आदेश जारी कर दिए गए।
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सरकार का सख्त संदेश
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई मध्य प्रदेश सरकार का स्पष्ट संदेश है कि सिंहस्थ जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों और अधोसंरचना परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही, ढिलाई या धीमी कार्यप्रणाली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में विभाग में और भी प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
