

Kamli Temple Idol Controversy: पुराने भोपाल स्थित प्राचीन कमली मंदिर में देवी-देवताओं की मूर्तियों को रातों-रात बिना सार्वजनिक सूचना के दूसरे स्थान पर विस्थापित किए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। सुबह जब नियमित रूप से दर्शन के लिए श्रद्धालु मंदिर पहुंचे तो उन्हें मंदिर में स्थापित मूर्तियां अपने निर्धारित स्थान पर नहीं मिलीं।
इस घटना से श्रद्धालुओं में भारी नाराजगी फैल गई। लोगों ने मौके पर मौजूद जिम्मेदार लोगों से जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन उन्हें तत्काल कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। इससे मंदिर परिसर में असमंजस और आक्रोश का माहौल बन गया।
मामले की जानकारी फैलते ही दोपहर करीब 2:30 बजे मोहल्ले की सैकड़ों महिलाएं और पुरुष मंदिर परिसर में एकत्र हो गए। इस दौरान श्रद्धालुओं ने महेंद्र श्री राजू महाराज से चर्चा की। बातचीत के दौरान जानकारी मिली कि मंदिर की मूर्तियों को दूसरे स्थान पर ले जाकर उनकी स्थापना कर दी गई है। यह जानकारी सामने आने के बाद श्रद्धालु संबंधित स्थान पर पहुंचे, जहां उन्होंने देखा कि देवी-देवताओं की मूर्तियां पहले ही स्थापित की जा चुकी थीं।
मूर्तियों के विस्थापन की जानकारी मिलने के बाद श्रद्धालुओं ने इस निर्णय का कड़ा विरोध जताया। उनका कहना था कि मंदिर से जुड़े किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले स्थानीय श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों को विश्वास में लिया जाना चाहिए था। विरोध के बीच श्रद्धालुओं ने स्वयं सभी माताजी की मूर्तियों और पिंडियों को उठाकर दोबारा उनके मूल स्थान, प्राचीन कमली मंदिर में स्थापित किया। इस दौरान मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और धार्मिक परंपराओं के सम्मान की बात कही।
घटना के बाद श्रद्धालुओं ने ट्रस्ट समिति से मांग की कि भविष्य में मंदिर से जुड़े किसी भी निर्णय से पहले स्थानीय श्रद्धालुओं और समाज के लोगों से चर्चा की जाए। उनका कहना था कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और संवाद बेहद जरूरी है, ताकि किसी की भावनाएं आहत न हों और इस तरह की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।
इस दौरान हिंदुस्तान समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी, राजधानी भोपाल के किराना व्यापारी महासंघ के महामंत्री विवेक साहू, मंडल अध्यक्ष आशीष सिंह ठाकुर, अवनी शर्मा, महेश मालवीय, रोमी साहू सहित सैकड़ों महिलाएं और स्थानीय श्रद्धालु मौजूद रहे।
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