Highlights :
दिग्विजय सिंह की यात्रा में बच्चों से राजनीतिक नारे लगवाने के आरोप पर NHRC ने लिया संज्ञान।
मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव और DGP को नोटिस जारी, दो सप्ताह में मांगी जांच रिपोर्ट।
शिकायत में बच्चों को पैसे का प्रलोभन देकर नारे लगवाने का आरोप।
22 अक्टूबर को बच्चों से जुड़े वीडियो और तस्वीरें फेसबुक पर साझा किए जाने का दावा।
Digvijaya Singh Yatra Children Slogan Allegation : एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की यात्रा में बच्चों से कथित तौर पर राजनीतिक नारे लगवाने के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने संज्ञान लिया है। आयोग ने मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) को नोटिस जारी कर मामले की जांच करने और दो सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट (ATR) प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बच्चों को पैसे का लालच देकर यात्रा में शामिल कराया गया और उनसे राजनीतिक नारे लगवाए गए। इस मामले से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का भी दावा किया गया है।
आयोग के 22 अक्टूबर 2026 के पत्र के अनुसार शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि दिग्विजय सिंह की यात्रा के दौरान बच्चों का इस्तेमाल राजनीतिक गतिविधियों के लिए किया गया। शिकायत में दावा किया गया कि बच्चों को आर्थिक प्रलोभन देकर यात्रा में शामिल कराया गया और उनसे नारे लगवाए गए।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम,1993 की धारा 12 के तहत मामले का संज्ञान लिया। आयोग ने मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को आरोपों की जांच कर निर्धारित समय सीमा में रिपोर्ट देने को कहा है। अधिकारियों को ये भी पता लगाने के निर्देश दिए गए हैं कि क्या बच्चों को आर्थिक प्रलोभन देकर किसी गतिविधि में शामिल किया गया था और क्या इस दौरान बाल संरक्षण से जुड़े कानूनों का उल्लंघन हुआ।
इस मामले में आयोग ने केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव को भी कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मंत्रालय को बच्चों के कथित वीडियो और तस्वीरों के इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की जांच करने को कहा गया है। आयोग ने संबंधित अधिकारियों को जांच रिपोर्ट की प्रति ईमेल के माध्यम से भी भेजने के निर्देश दिए हैं। इस तरह मामले में राज्य और केंद्र स्तर पर संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई की अपेक्षा की गई है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के संज्ञान लेने के बाद अब संबंधित अधिकारियों की जांच और रिपोर्ट पर नजर रहेगी। शिकायतकर्ता ने आयोजन से जुड़े जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि आयोग की ओर से संज्ञान लिया जाना आरोपों की पुष्टि नहीं है। मामले में वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने और संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।