नर्मदा संरक्षण: ‘नमन मिशन’ से होगा कायाकल्प, परिक्रमा पथ होगा अतिक्रमण मुक्त, 100 करोड़ का बजट मंजूर
Narmada Samagra: नर्मदा परिक्रमा मार्ग पर मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं, मंदिरों के पास खुलेंगी दीनदयाल रसोई, दिसंबर 2027 तक पूरे होंगे STP ,18 जिलों में मनाया जाएगा नर्मदा जयंती उत्सव
- Written By: सुधीर दंडोतिया
मंत्रालय में 'नर्मदा समग्र' की बैठक,सोर्स: सोशल मीडिया
Narmada Naman Mission: मध्य प्रदेश की जीवन रेखा मां नर्मदा के संरक्षण, संवर्धन और अविरलता को सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बड़ा निर्णय लिया है।
मंत्रालय में ‘नर्मदा समग्र’ की बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदा प्रदेश की 33 प्रतिशत से अधिक आबादी की आधारशिला है और इसे हर हाल में निर्मल बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।
‘नमन मिशन’ से होगा नर्मदा घाटी का कायाकल्प
बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ‘नमन मिशन’ की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। यह मिशन नर्मदा घाटी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए प्राधिकृत होगा। मुख्यमंत्री इस मिशन की साधारण सभा के अध्यक्ष होंगे, जबकि पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री उपाध्यक्ष होंगे। मुख्य सचिव मिशन के सचिव के रूप में कार्य करेंगे। मिशन में राज्य के विभिन्न विभागों के अलावा 10 प्रतिष्ठित विशेषज्ञ भी शामिल होंगे। मिशन के क्रियान्वयन के लिए प्रतिवर्ष 100 करोड़ रुपये के राज्य अनुदान की व्यवस्था का प्रस्ताव रखा गया है। मिशन के लिए वर्ष 2026-27 का विस्तृत रोडमैप तैयार कर लिया गया है।
नर्मदा परिक्रमा पथ होगा अतिक्रमण मुक्त
मुख्यमंत्री ने नर्मदा परिक्रमा पथ की मर्यादा बनाए रखने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। परिक्रमा पथ को पूर्णतः अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा। मार्ग पर स्थित मंदिरों के पास ‘अन्न क्षेत्र’ स्थापित किए जाएंगे और वहां ‘दीनदयाल रसोई’ शुरू करने की व्यवस्था की जाएगी। परिक्रमा करने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए मार्ग पर उचित संकेतक (साइन बोर्ड) लगाए जाएंगे। नर्मदा समग्र के समन्वय से परिक्रमा पथ पर स्थित सभी आश्रमों की सूची तैयार की जाएगी।
सम्बंधित ख़बरें
मुख्यमंत्री का बड़ा फैसला, ‘समरसता छात्रावास’ से लेकर हवाई अड्डे निर्माण तक विकास कार्यों में आएगी तेजी
बागेश्वर धाम पहुंचे अनंत अंबानी, धीरेंद्र शास्त्री के साथ किए बालाजी के दर्शन, महाआरती और यज्ञ में हुए शामिल
इंदौर में नाम छिपाकर शादी का झांसा, दुष्कर्म के बाद धर्म परिवर्तन और बेटे के खतने का दबाव, युवक पर केस दर्ज
मानसून ने पूरे मध्य प्रदेश को किया कवर, कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी, रेड अलर्ट भी जारी
नगरीय विकास और पर्यावरण संरक्षण पर जोर
बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा विकास कार्यों का ब्योरा दिया गया:
- एसटीपी (STP) का निर्माण: प्रदेश के 21 नगरों में 35 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) तैयार किए जा रहे हैं, जो दिसंबर 2027 तक पूरे हो जाएंगे।
- अमरकंटक में जैव विविधता संस्थान: नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक में 32 लाख रुपये की लागत से ‘जैव विविधता प्रबंधन संस्थान’ स्थापित किया जाएगा।
- वृक्षारोपण: वन विभाग द्वारा नर्मदा घाटी में 415 हेक्टेयर क्षेत्र में 2.70 लाख पौधे लगाए जाएंगे।
- ओंकारेश्वर का विकास: ओंकारेश्वर में बेहतर प्रबंधन के लिए ‘स्पेशल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी’ (SADA) का गठन किया जाएगा।
- नर्मदा कोष पोर्टल: नगरीय निकायों के माध्यम से नर्मदा घाटों को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए एक विशेष पोर्टल तैयार किया जा रहा है।
यह भी पढ़ें : दतिया उपचुनाव का ऐलान: 30 जुलाई को वोटिंग, 3 अगस्त को आएंगे नतीजे, दांव पर नरोत्तम मिश्रा और कांग्रेस की साख
नर्मदा जयंती पर भव्य आयोजन
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, नर्मदा नदी के सीमावर्ती 18 जिलों में नर्मदा जयंती के अवसर पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें भव्य आरती, सांस्कृतिक नृत्य, गायन, प्रदर्शनियां और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं और समाज को नदी संरक्षण से जोड़ा जाएगा।
