

Datia Assembly By Election 2026: दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव का बिगुल बज गया है। निर्वाचन आयोग ने चुनाव कार्यक्रम जारी करते हुए घोषणा की है कि 30 जुलाई 2026 को मतदान कराया जाएगा, जबकि 3 अगस्त 2026 को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। उपचुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही दतिया में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं और प्रमुख दलों ने अपनी चुनावी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है।
दतिया विधानसभा सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती का निर्वाचन शून्य घोषित होने के बाद रिक्त हुई थी। कानूनी प्रक्रिया के तहत उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई, जिसके चलते इस सीट पर उपचुनाव कराया जा रहा है। इस चुनाव को प्रदेश की राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
दतिया सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प होने की संभावना है। भारतीय जनता पार्टी इस सीट को दोबारा अपने कब्जे में लेने के लिए पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का नाम संभावित उम्मीदवारों में सबसे आगे माना जा रहा है। पिछले विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद भाजपा इस सीट को प्रतिष्ठा का सवाल मान रही है।
वहीं कांग्रेस भी इस सीट को बचाने के लिए पूरी ताकत लगाएगी। राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक पार्टी पूर्व विधायक राजेंद्र भारती के परिवार पर दांव खेल सकती है। चर्चा है कि कांग्रेस सहानुभूति और राजनीतिक विरासत के आधार पर उनके बेटे को उम्मीदवार बना सकती है। हालांकि, पार्टी ने अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
दतिया उपचुनाव को त्रिकोणीय बनाने की तैयारी में आजाद समाज पार्टी (ASP) भी सक्रिय हो गई है। पार्टी की ओर से दामोदर यादव का नाम लगभग तय माना जा रहा है। वे क्षेत्र में लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं और चुनाव प्रचार की तैयारियों में जुटे हैं।
दतिया उपचुनाव भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है। भाजपा अपने पुराने गढ़ को वापस हासिल करना चाहती है, जबकि कांग्रेस अपनी जीत को बरकरार रखने के लिए पूरा जोर लगाएगी। वहीं तीसरे मोर्चे की मौजूदगी चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना सकती है।