Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्य प्रदेश
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • बुध, 8 जुलाई 2026
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • ई-पेपर
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

MP में कंसल्टेंट्स के भरोसे हो रहा शहरों का विकास, अधिकारियों से ज्यादा सलाहकारों की संख्या पर उठे सव

MP Government News : मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास विभाग में सरकारी अधिकारियों से अधिक कंसल्टेंट्स की नियुक्ति और उन पर करोड़ों रुपये के खर्च को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

  • Reported By: सुधीर दंडोतिया | Edited By: प्रीतेश जैन
Updated On: Jul 08, 2026 | 01:23 PM

पालिका भवन (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)

Follow Us
Follow Us:

MP Urban Development Consultants: मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास विभाग में बड़ी संख्या में निजी कंसल्टेंट्स की नियुक्ति को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विभाग में सरकारी अधिकारियों की तुलना में बाहरी सलाहकारों की भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है। दावा किया जा रहा है कि शहरों के विकास, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, सीवेज, जलापूर्ति, आवास और अन्य योजनाओं के संचालन में बड़ी संख्या में निजी कंसल्टेंट्स की सेवाएं ली जा रही हैं, जिन पर हर महीने करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, विभाग में करीब एक हजार सरकारी अधिकारी कार्यरत हैं, जबकि विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं के लिए 1,139 से अधिक कंसल्टेंट्स नियुक्त किए गए हैं। इन सलाहकारों पर हर महीने लगभग 8 करोड़ रुपये का खर्च बताया गया है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब विभाग में पर्याप्त संख्या में अधिकारी मौजूद हैं, तो इतनी बड़ी संख्या में बाहरी सलाहकारों की आवश्यकता क्यों पड़ रही है।

एक ही योजना के तहत 900 से ज्यादा कंसल्टेंट

बताया जा रहा है कि अमृत 2.0 योजना के तहत ही 900 से अधिक कंसल्टेंट्स विभिन्न परियोजनाओं में काम कर रहे हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वर्ष 2028 तक इन सलाहकारों पर हर साल करीब 72 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कई राष्ट्रीय और निजी कंसल्टिंग कंपनियां विभिन्न योजनाओं में तकनीकी और प्रबंधन संबंधी सेवाएं दे रही हैं।

सम्बंधित ख़बरें

राजगढ़ के भियापुरा गांव में पसरा मातम: सड़क हादसे में उजड़ गया पूरा परिवार, एक साथ उठीं चार अर्थियां

मुरैना में बड़ा हादसा टला: हाईटेंशन लाइन टूटकर सड़क पर गिरी, तार से निकलती चिंगारियों के बीच जारी रही आवाजाही

Panna News: बारिश में पानी-पानी हो गया जिला अस्पताल, डिलीवरी वार्ड के बाहर बना ‘तालाब’, मरीज बेहाल

सरदार सरोवर परियोजना विवाद खत्म, मध्य प्रदेश को मुआवजे की जगह गुजरात को देने होंगे 550 करोड़ रुपये

PM आवास योजना में निजी कंसल्टिंग कंपनी के अनुबंध पर सवाल

इसी तरह प्रधानमंत्री आवास योजना में भी एक निजी कंसल्टिंग कंपनी का अनुबंध लंबे समय तक जारी रहने को लेकर सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2017 से दिसंबर 2025 तक कंपनी लगातार परियोजना से जुड़ी रही। इसके अलावा फायर सर्विस, सिंहस्थ जैसी बड़ी परियोजनाओं और अन्य शहरी विकास कार्यों में भी बाहरी एजेंसियों की सेवाएं ली जा रही हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने भी उठाए सवाल

इधर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार ने सुशासन की जगह “कंसल्टेंट राज” कायम कर दिया है, जहां करीब 1000 अफसरों पर 1100 से अधिक सलाहकार तैनात हैं और उन पर हर महीने करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इतने सलाहकारों के बावजूद शहरों की सड़कें, सीवर व्यवस्था और बुनियादी सुविधाएं बदहाल हैं। जनता के टैक्स के पैसे का हिसाब देते हुए सरकार को जवाब देना चाहिए कि खर्च विकास पर हो रहा है या सलाहकारों की फौज पर।

गजब है मोहन यादव सरकार, 1000 अफसर के 1100 सलाहकार! मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार ने “सुशासन” नहीं, “कंसल्टेंट राज” स्थापित कर दिया है। प्रदेश के नगरीय विकास विभाग में करीब 1000 अफसरों पर 1100 से अधिक सलाहकार तैनात हैं और सिर्फ़ सलाह लेने के लिए हर महीने ₹8 करोड़ से ज़्यादा जनता का… — Umang Singhar (@UmangSinghar) July 8, 2026

ये भी पढ़ें : सरदार सरोवर परियोजना विवाद खत्म, मध्य प्रदेश को मुआवजे की जगह गुजरात को देने होंगे 550 करोड़ रुपये

विभाग की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं

हालांकि, विभाग की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सरकारी योजनाओं में निजी कंसल्टेंट्स की बढ़ती भूमिका और उन पर होने वाले खर्च को लेकर अब प्रशासनिक व्यवस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही पर बहस तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि विभाग में पर्याप्त अधिकारी उपलब्ध हैं तो कंसल्टेंट्स की आवश्यकता और उन पर होने वाले खर्च की समय-समय पर समीक्षा होना जरूरी है।

Mp urban development department consultants expense amrut 2 scheme

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jul 08, 2026 | 01:23 PM

Topics:  

  • Bhopal News
  • Madhya Pradesh News

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.