मध्य प्रदेश में चीनी के दाम बढ़े, 4000 क्विंटल स्टॉक लिमिट का आदेश महीनेभर बाद भी अटका

MP Sugar Stock Limit : मध्य प्रदेश में चीनी के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन जमाखोरी रोकने की 4000 क्विंटल स्टॉक लिमिट अब तक लागू नहीं हुई। राजस्थान में सख्ती के बाद कीमतें 6 रुपए घटीं।
Rising Sugar Prices in Madhya Pradesh
मध्य प्रदेश में बढ़े चीनी के दाम(फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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Madhya Pradesh Sugar Price : मध्य प्रदेश में चीनी के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं, लेकिन जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार की तय स्टॉक लिमिट अब तक लागू नहीं हो सकी है। केंद्र ने 28 जुलाई को नोटिफिकेशन जारी कर 1 अगस्त से एक डीलर के लिए अधिकतम 4000 क्विंटल चीनी स्टॉक रखने की सीमा तय की थी। यह व्यवस्था 30 नवंबर तक लागू रहनी है, लेकिन मध्य प्रदेश में अभी तक इस संबंध में शासन का आदेश जारी नहीं हुआ है।

केंद्र के निर्देश के बाद मध्य प्रदेश के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने स्टॉक लिमिट लागू करने का प्रस्ताव शासन को भेज दिया था। हालांकि, करीब एक महीने बाद भी आदेश जारी नहीं होने के कारण स्टॉक की जांच और निगरानी शुरू नहीं हो सकी है। ऐसे में विभाग के पास यह पता लगाने का प्रभावी तरीका नहीं है कि किस व्यापारी या डीलर के पास कितना चीनी का स्टॉक मौजूद है।

राजस्थान में सख्ती, छह दिन में 6 रुपए सस्ती हुई चीनी

मध्य प्रदेश के मुकाबले राजस्थान में केंद्र के आदेश को तेजी से लागू किया गया। वहां स्टॉक लिमिट के साथ ऑनलाइन ऑर्डर पर भी अधिकतम 5 किलो की कैपिंग लगाई गई। इसका असर चीनी की कीमतों पर दिखाई दिया। राजस्थान में 22 अगस्त को चीनी का भाव करीब 68 रुपए प्रति किलो था, जो छह दिन में घटकर 62 रुपए प्रति किलो रह गया। यानी कीमत में 6 रुपए प्रति किलो की कमी आई।

MP में स्टॉक कहां कितना, इसकी जानकारी नहीं

मध्य प्रदेश में चीनी की बड़ी मात्रा महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश की मिलों से आती है। स्टॉक लिमिट लागू होने के बाद बड़े डीलरों को चीनी की आवक, बिक्री और बचे हुए स्टॉक की जानकारी देना अनिवार्य होता। 4000 क्विंटल से ज्यादा स्टॉक मिलने पर संबंधित कारोबारी के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती थी। खाद्य विभाग के अधिकारी जिलों में व्यापारियों और गोदामों की नियमित जांच कर सकते थे।

बढ़ती कीमतों के पीछे कमी या जमाखोरी?

स्टॉक लिमिट लागू नहीं होने से यह स्पष्ट करना मुश्किल हो रहा है कि चीनी के दाम बढ़ने की वजह वास्तव में बाजार में कमी है या कहीं बड़े स्तर पर स्टॉक रोककर कृत्रिम कमी पैदा की जा रही है। व्यापारियों का आरोप है कि सरकारी निगरानी सख्त नहीं होने के कारण कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है।

1000 रुपए में अब 7 किलो कम चीनी

चीनी के बढ़ते दाम का असर खरीद क्षमता पर भी साफ दिखाई दे रहा है। 1 अगस्त को 1000 रुपए में 21.7 किलो चीनी खरीदी जा सकती थी, लेकिन 27 अगस्त को 68 रुपए किलो के भाव पर इसी रकम में सिर्फ करीब 14.7 किलो चीनी मिलेगी। यानी 1000 रुपए में करीब 7 किलो कम चीनी मिल रही है। त्योहारी सीजन में इसका असर मिठाइयों और अन्य खाद्य उत्पादों की कीमतों पर भी पड़ सकता है।

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फूड कमिश्नर बोले- शासन को भेजा प्रस्ताव

खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग के संचालक दिनेश जैन ने कहा कि चीनी की स्टॉक लिमिट लागू करने और प्रभावी जांच व निगरानी के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। अभी तक आदेश जारी नहीं हुए हैं और विभाग को शासन के आदेश का इंतजार है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही आदेश जारी होने के बाद स्टॉक लिमिट और निगरानी की व्यवस्था लागू की जाएगी।

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