राम मंदिर ट्रस्ट को कांग्रेस का पत्र, दान मामले के आरोपियों के प्रवेश पर प्रतिबंध की मांग

Indore Congress Demands:इंदौर कांग्रेस के नेताओं ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को पत्र लिखकर राम मंदिर दान मामले में आरोपों के घेरे में आए लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
Indore Congress leaders submit a letter to the Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust demanding strict action and a lifetime entry ban for those accused in the Ram Temple donation case, including former trust officials.
इंदौर शहर कांग्रेस कार्यालय (फोटो सोर्स - सोशल मीडिया )
Updated on

Indore Congress Sends Letter: राम मंदिर दान मामले को लेकर इंदौर कांग्रेस सेवादल ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को पत्र लिखकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। जिला कांग्रेस सेवादल के कार्यवाहक अध्यक्ष विवेक खंडेलवाल ने ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास को पत्र भेजकर आरोपों के घेरे में आए लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है।

इंदौर से उठी मांग, ट्रस्ट अध्यक्ष को भेजा गया पत्र

कांग्रेस नेताओं ने पत्र में कहा है कि अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास का प्रतीक है। देशभर के लोगों ने अपनी श्रद्धा और समर्पण के साथ मंदिर निर्माण के लिए दान दिया था। ऐसे में यदि दान राशि में किसी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी के आरोप सामने आते हैं, तो यह केवल आर्थिक अनियमितता नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं और विश्वास के साथ गंभीर विश्वासघात है।

आजीवन प्रवेश प्रतिबंध की मांग

पत्र में कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि दान मामले में आरोपों के दायरे में आए आठों आरोपियों के साथ-साथ ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, पूर्व सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा और उनके परिवारजनों के राम मंदिर में प्रवेश पर आजीवन प्रतिबंध लगाया जाए। इसके अलावा उन्हें ट्रस्ट की सभी जिम्मेदारियों से स्थायी रूप से अलग कर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है।

कांग्रेस का कहना है कि इससे मंदिर की गरिमा बनी रहेगी और श्रद्धालुओं का विश्वास मजबूत होगा।

रामलला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र

विवेक खंडेलवाल ने कहा कि रामलला का दरबार करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। जिन लोगों पर भगवान श्रीराम के नाम पर प्राप्त दान को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं, उन्हें नैतिक रूप से राम मंदिर में प्रवेश का अधिकार नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट को राम भक्तों की भावनाओं का सम्मान करते हुए कठोर और पारदर्शी निर्णय लेना चाहिए।

यह भी पढें:

मंदिर की गरिमा बनाए रखने पर जोर

इंदौर के दोनों कांग्रेस नेताओं ने अपने पत्र में कहा कि राम मंदिर की पवित्रता, पारदर्शिता और करोड़ों श्रद्धालुओं के विश्वास की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उनका कहना है कि यदि आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाती है तो इससे न केवल मंदिर की गरिमा बनी रहेगी बल्कि श्रद्धालुओं का भरोसा भी मजबूत होगा।

Navbharat Live
navbharatlive.com