

Highlights:
मध्य प्रदेश में बुजुर्ग पेंशनर्स के लिए कैशलेस स्वास्थ्य योजना जल्द लागू करने की मांग।
पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखा।
सीमित पेंशन में गंभीर बीमारियों के इलाज का खर्च उठाना बुजुर्गों के लिए मुश्किल।
एसोसिएशन ने आर्थिक तंगी के कारण इलाज में देरी रोकने पर जोर दिया।
योजना को लागू करने के लिए सरकार से जल्द निर्णय लेने का अनुरोध किया।
MP Pensioners Cashless Health Scheme : मध्य प्रदेश में बुजुर्ग पेंशनर्स के लिए कैशलेस स्वास्थ्य योजना जल्द लागू करने की मांग तेज हो गई है। पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने राज्य सरकार से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष आमोद सक्सेना ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव (वित्त) और प्रमुख सचिव (लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग) को पत्र लिखकर योजना को शीघ्र लागू करने का अनुरोध किया है। एसोसिएशन का कहना है कि सीमित पेंशन में महंगे इलाज का खर्च उठाना बुजुर्गों के लिए मुश्किल हो रहा है।
पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष आमोद सक्सेना ने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारी अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय देश और प्रदेश की सेवा में लगा चुके हैं। सेवानिवृत्ति के बाद सीमित पेंशन पर गुजारा करने वाले कई बुजुर्ग हृदय, किडनी और अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। नियमित जांच, महंगी दवाइयों, अस्पताल में भर्ती होने और इलाज का खर्च उठाना उनके लिए चुनौती बन रहा है। एसोसिएशन के मुताबिक, पर्याप्त चिकित्सा सुविधा और आर्थिक सहायता नहीं मिलने के कारण कुछ पेंशनर्स को कर्ज लेने या संपत्ति बेचने तक की नौबत आ रही है।
एसोसिएशन के संरक्षक गणेश दत्त जोशी ने कहा कि वृद्धावस्था में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलना सम्मानजनक जीवन की बुनियादी जरूरत है। जिन कर्मचारियों ने लंबे समय तक सरकारी व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने में योगदान दिया, उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद भी समय पर और सुलभ चिकित्सा सुविधा मिलनी चाहिए। उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार से बुजुर्ग पेंशनर्स की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कैशलेस स्वास्थ्य योजना लागू करने की मांग की।
भोपाल जिलाध्यक्ष सुरेश शर्मा ने कहा कि गंभीर बीमारी की स्थिति में समय पर उपचार मिलना बेहद जरूरी है। आर्थिक परेशानी के कारण किसी पेंशनर के इलाज में देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कैशलेस चिकित्सा योजना लागू होने से बुजुर्गों को इलाज के खर्च की चिंता से राहत मिल सकती है और उन्हें उपचार के लिए परिवार पर निर्भर रहने की मजबूरी से बचाने में मदद मिलेगी।
कैशलेस स्वास्थ्य योजना लागू करने की मांग का समर्थन एसोसिएशन के उपाध्यक्ष संतोष ठाकुर, शैलेंद्र श्रीवास्तव, सचिव रामगोपाल माथुर, यशवंत सिंह बैस, संयुक्त सचिव शकुंतला वर्मा और कार्यकारिणी सदस्य संगीता श्रीवास्तव एवं अनिल पांडे ने भी किया है। पदाधिकारियों ने राज्य सरकार से बुजुर्ग पेंशनर्स की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को गंभीरता से लेने और योजना पर जल्द निर्णय करने का अनुरोध किया है। फिलहाल एसोसिएशन की ओर से योजना को शीघ्र लागू करने की मांग की गई है।