MP Bus Service: सार्वजनिक परिवहन की बदलेगी सूरत, मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा इंदौर संभाग से प्रारंभ होगी
MP Government Bus Scheme 2026: प्रदेशभर में दौड़ेंगी 5206 नई बसें, परिवहन विभाग में 1190 पदों पर होगी सीधी भर्ती,सरकार ने 'सेवा भर्ती नियम-2026' को भी अपनी स्वीकृति दे दी है।
- Written By: सुधीर दंडोतिया
मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एण्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड' संचालक मण्डल की उच्च स्तरीय बैठक, सोर्स सोशल मीडिया
CM Mohan Yadav Bus Service: मध्य प्रदेश में आम जनता को सुगम, सुरक्षित और आधुनिक परिवहन सेवा देने के लिए डॉ. मोहन यादव सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई ‘मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एण्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड’ के संचालक मण्डल की उच्च स्तरीय बैठक में ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ और ‘पीएम ई-बस सेवा’ के बड़े पैमाने पर संचालन को मंजूरी दे दी गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को अमलीजामा पहनाने के लिए सरकार ने संगठनात्मक ढांचे और ‘सेवा भर्ती नियम-2026’ को भी अपनी स्वीकृति दे दी है। बैठक में बोर्ड के उपाध्यक्ष व परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह और मुख्य सचिव अनुराग जैन समेत वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में बोर्ड के प्रबंध संचालक मनीष सिंह ने प्रजेंटेशन दिया। इसमें बताया गया कि मध्यप्रदेश को 7 क्षेत्रों, इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, सागर, ग्वालियर और रीवा में विभक्त किया जाएगा।
लोगों की सुविधा का रखा ध्यान
इस योजना के तहत संपूर्ण मध्य प्रदेश को 7 प्रमुख क्षेत्रों (इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, सागर, ग्वालियर एवं रीवा) में विभाजित किया गया है। योजना का पहला चरण आगामी जुलाई माह से इंदौर क्षेत्र से शुरू होने जा रहा है। इसके तहत इंदौर में पहले से सक्रिय ‘अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड’ (AICTSL) का दायरा बढ़ाते हुए अब उसे पूरे इंदौर संभाग में बसों के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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तीन श्रेणियों में होगा बसों का जाल
प्रदेशवासियों की सहूलियत के लिए बसों का संचालन तीन विशेष श्रेणियों में किया जाएगा:
- सिटी और उपनगरीय बसें: यह शहरों को उनके नजदीकी ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों से जोड़ेंगी।
- इंटरसिटी बसें: एक जिला मुख्यालय से दूसरे जिला मुख्यालयों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत करेंगी।
- अंतर्राज्यीय बसें: मध्य प्रदेश से पड़ोसी राज्यों जैसे महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के प्रमुख मार्गों पर चलेंगी।
निजी बस मालिकों के लिए राहत की बात
सरकार ने साफ किया है कि इस नई सरकारी व्यवस्था से वर्तमान में चल रही निजी बसों के परमिट पर कोई असर नहीं पड़ेगा। वे पहले की तरह ही सुचारू रूप से संचालित होती रहेंगी।
आंकड़ों में समझें पूरा प्रोजेक्ट
- 1,164 मार्ग: पूरे प्रदेश में चिन्हित किए गए रूट।
- 5,206 बसें: पूरे मध्य प्रदेश में कुल संचालित होने वाली बसों की संख्या।
- इंदौर का मेगा प्लान: अकेले इंदौर क्षेत्र के 250 मार्गों पर 1,688 बसें चलेंगी (784 सिटी, 608 इंटरसिटी, और 276 अंतर्राज्यीय)।
- 150 ई-बसें: इंदौर में पर्यावरण अनुकूल सफर के लिए जुलाई से 150 नई इलेक्ट्रिक बसें भी शुरू हो रही हैं।
1,190 पदों पर भर्तियां
परिवहन व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत (ITMS-सज्जित) करने के लिए सरकार अगले 4 वर्षों में चरणबद्ध तरीके से 1,190 पदों पर भर्तियां करेगी। इसके लिए एक राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी और 7 सहायक क्षेत्रीय कंपनियां बनाई गई हैं।
इस राज्य स्तरीय कंपनी में आईटीएमएस (ITMS), प्लानिंग, पॉलिसी, मानव संसाधन, इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रवर्तन और बिजनेस डेवलपमेंट जैसे 7 विशेष विभाग होंगे। इन विभागों की कमान मुख्य महाप्रबंधक (CGM) स्तर के आईएएस (IAS), एसपीएस (SPS) या तकनीकी विशेषज्ञों के हाथ में होगी।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
यात्रियों, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा और बसों की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए पुलिस और विशेष सशस्त्र बल के रिटायर्ड या प्रतिनियुक्ति वाले अधिकारियों को कॉन्ट्रैक्ट (संविदा) पर तैनात किया जाएगा। कंपनी की अधिकृत पूंजी 100 रुपये और पेड-अप कैपिटल राशि 35 करोड़ रुपये तय की गई है।
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मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी जिला कलेक्टरों और नगरीय निकायों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने स्तर पर बस स्टैंड्स और जन-सुविधाओं को दुरुस्त करें ताकि जनता को इस सेवा का तत्काल और बेहतर लाभ मिल सके।
