मानसून की देरी से मध्य प्रदेश में बारिश का संकट, खरीफ फसलों की बोवनी पर असर, आज इन जिलों में लू का अलर्ट
MP Weather News : MP में मानसून की देरी से जून में सामान्य से 52% कम बारिश हुई है। कम वर्षा के कारण खरीफ फसलों की बोवनी प्रभावित हो रही है, जबकि कई जिलों में गर्मी और लू का असर बना हुआ है।
- Written By: प्रीतेश जैन
कॉन्सेप्ट इमेज (सोर्स- सोशल मीडिया)
MP Monsoon Delay: मध्य प्रदेश में मानसून की धीमी रफ्तार का असर साफ दिखाई देने लगा है। जून माह लगभग सूखा गुजर रहा है और राज्य में अब तक सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से अब तक प्रदेश में औसतन 70.9 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी, लेकिन केवल 34.3 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई है। यह सामान्य से करीब 52 प्रतिशत कम है। इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर समेत अधिकांश जिलों में बारिश का आंकड़ा औसत से नीचे बना हुआ है।
बारिश की कमी का सबसे बड़ा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ रहा है। सोयाबीन सहित खरीफ फसलों की बोवनी की रफ्तार धीमी पड़ गई है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बोवनी के लिए मिट्टी में पर्याप्त नमी होना जरूरी है, जिसके लिए कम से कम चार इंच बारिश उपयुक्त मानी जाती है। फिलहाल प्रदेश में केवल भोपाल ऐसा जिला है जहां चार इंच से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। यहां सामान्य से 53 प्रतिशत ज्यादा बारिश हो चुकी है।
अगले 2-3 दिनों में मानसून के एक्टिव होने की संभावना
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रवेश की सामान्य तिथि 15 जून मानी जाती है, लेकिन इस बार मानसून निर्धारित समय से पीछे चल रहा है। हालांकि अगले दो से तीन दिनों में मानसून के प्रदेश में सक्रिय होने की संभावना जताई जा रही है। मानसून के प्रवेश में देरी के कारण अभी तक केवल प्री-मानसूनी गतिविधियां ही देखने को मिल रही हैं।
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पूर्वी हिस्से की स्थिति चिंताजनक
प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बारिश की स्थिति ज्यादा चिंताजनक बनी हुई है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में सामान्य से करीब 71 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में औसतन 33 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
इन जिलों में दिखा बारिश का असर
सोमवार को कई जिलों में प्री-मानसूनी गतिविधियां तेज रहीं। धार जिले में करीब दो इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि भोपाल में भी अच्छी बारिश हुई। इंदौर, उज्जैन, रायसेन, राजगढ़, खंडवा, जबलपुर, सागर, सतना, सीहोर और छिंदवाड़ा सहित कई क्षेत्रों में आंधी और बारिश का दौर देखने को मिला।
पचमढ़ी सबसे ठंडा और दतिया सबसे गर्म
तापमान की बात करें तो पचमढ़ी प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दूसरी ओर दतिया सबसे गर्म जिला रहा, जहां पारा 42.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। ग्वालियर में भी तापमान 40 डिग्री के पार रहा, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में तापमान अपेक्षाकृत कम दर्ज किया गया।
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आज इन जिलों में लू का अलर्ट
मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए जबलपुर, मंडला, दमोह और उमरिया जिलों में लू का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, धार, झाबुआ, खरगोन, खंडवा, नर्मदापुरम, रायसेन, सीहोर, ग्वालियर, मुरैना, भिंड और अन्य कई जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं मालवा और बुंदेलखंड के कुछ हिस्सों में गर्मी का असर बना रह सकता है।
