MP WEATHER: मानसून की सुस्त रफ्तार से बढ़ी चिंता, मध्य प्रदेश में बुवाई पर संकट के आसार, आज इन जिलों में अलर्ट
Madhya Pradesh Weather Update : मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री 22 से 24 जून तक टल सकती है। प्रदेश में सामान्य से 37% कम बारिश होने से किसान चिंतित हैं।आज कई जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है।
- Written By: प्रीतेश जैन
कॉन्सेप्ट इमेज (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
MP Monsoon Delay: मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक में अभी और देर हो सकती है। मौसम विभाग के ताजा संकेतों के अनुसार, मानसून अब 22 से 24 जून के बीच प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। पश्चिमी तट पर इसकी रफ्तार धीमी पड़ने के कारण इसका असर मध्य प्रदेश तक पहुंचने में देरी हो रही है। पहले छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में सक्रिय होने के बाद ही मानसून प्रदेश में आगे बढ़ेगा।
मानसून की देरी का असर खेती-किसानी पर साफ दिखाई देने लगा है। खरीफ सीजन की प्रमुख फसलें जैसे सोयाबीन, मूंग, उड़द और तुअर की बुवाई का समय नजदीक है, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होने से किसान खेतों में काम शुरू नहीं कर पा रहे हैं। कई इलाकों में किसान बादलों का इंतजार कर रहे हैं।
गर्मी का असर बरकरार
इस बीच मानसून में देरी के कारण गर्मी का असर भी बना हुआ है। मौसम विभाग ने रतलाम, छिंदवाड़ा और बालाघाट में हीटवेव की चेतावनी जारी की है। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, गुना, विदिशा, बुरहानपुर, खंडवा, बैतूल, नर्मदापुरम, जबलपुर, मंडला, सिवनी और डिंडौरी समेत करीब 28 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने के आसार हैं। अगले तीन दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में तेज गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है। हालांकि कुछ जिलों में राहत की संभावना भी जताई गई है।
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37% कम बरसा पानी
मध्य प्रदेश में बारिश के आंकड़े भी इस चिंता को बढ़ा रहे हैं। सामान्य तौर पर 1 से 17 जून के बीच प्रदेश में औसतन 41.6 मिमी वर्षा दर्ज होती है, लेकिन इस बार अब तक करीब 25 मिमी बारिश ही हुई है। यानी सामान्य से लगभग 37 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। प्रदेश के कई जिलों में हालात और कमजोर हैं। अलीराजपुर में अब तक बारिश दर्ज नहीं हुई है। वहीं बालाघाट, दमोह, कटनी, मैहर, रीवा, शहडोल, टीकमगढ़, बड़वानी, भिंड, दतिया, धार और खरगोन जैसे जिलों में आधा इंच से भी कम पानी गिरा है।
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राजधानी में सबसे ज्यादा बारिश
दूसरी ओर राजधानी भोपाल सबसे अधिक बारिश वाला जिला बनकर उभरा है। यहां अब तक 90 मिमी से ज्यादा वर्षा दर्ज की गई है। इसके अलावा इंदौर, देवास, गुना, रायसेन, सीहोर, मंदसौर, शाजापुर, विदिशा, हरदा, नर्मदापुरम और कुछ अन्य जिलों में एक से ढाई इंच तक बारिश हुई है। हालांकि कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह मात्रा व्यापक स्तर पर बुवाई शुरू करने के लिए अभी पर्याप्त नहीं है।
