मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार; ‘सुमन पंचायत’ योजना का शुभारंभ और AMR एक्शन प्लान लागू
Suman Panchayat Madhya Pradesh: भोपाल में स्वास्थ्य क्रांति, सीएम मोहन यादव ने शुरू की "सुमन पंचायत" योजना, शून्य शिशु-मातृ मृत्यु दर दर्ज करने वाली पंचायतों को मिलेगा 1 लाख का इनाम।
- Reported By: सुधीर दंडोतिया | Edited By: सजल रघुवंशी
मोहन यादव (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
MP Health News: मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर पर और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजधानी भोपाल स्थित आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजनाओं का शिलान्यास और अनावरण किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आमजन तक बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी नई योजनाओं को गति देने, चिकित्सा सेवाओं के विस्तार और आधुनिक सुविधाओं के विकास पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर नागरिक को समय पर बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है, ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच स्वास्थ्य सेवाओं का अंतर कम किया जा सके।
“सुमन पंचायत”: मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए नया नवाचार
मुख्यमंत्री ने “सुमन पंचायत” (सुरक्षित मातृत्व आश्वासन पंचायत) योजना का शुभारंभ किया। इस योजना का मुख्य लक्ष्य मातृ और शिशु मृत्यु दर को न्यूनतम स्तर पर लाना है।
सम्बंधित ख़बरें
भोपाल में जीतू पटवारी का महा-ऐलान; हर पंचायत में तैनात होंगे 5 ‘किसान न्याय योद्धा’
इंदौर हनीमून मर्डर केस में बड़ा मोड़! सोनम रघुवंशी की जमानत हाईकोर्ट ने रखी बरकरार; बिलख पड़ी राजा की मां
मुरैना में साले की शादी में गए युवक का बस स्टॉप पर मिला शव; साढ़ू पर लगा हत्या का संगीन आरोप
दमोह में बड़े बाबा के दर्शन कर लौट रहे जबलपुर के जैन दंपति पर गिरा सूखा पेड़; मौके पर ही दोनों की मौत
- क्या है प्रोत्साहन: जो पंचायतें अपने क्षेत्र में एक वर्ष तक मातृ मृत्यु, 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु तथा खसरा एवं रूबेला के शून्य मामले दर्ज करेंगी, उन्हें 1 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित किया जाएगा।
- उद्देश्य: यह पहल संस्थागत प्रसव, नियमित टीकाकरण, पोषण के प्रति जागरूकता और उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की समय पर पहचान सुनिश्चित करेगी।
एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) एक्शन प्लान 2.0 का अनावरण
बढ़ती स्वास्थ्य चुनौतियों को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने ‘स्टेट एएमआर एक्शन प्लान 2.0’ जारी किया। एंटीबायोटिक दवाओं के अनियंत्रित और अनुचित उपयोग से उत्पन्न प्रतिरोधक क्षमता को रोकने के लिए यह राज्य स्तरीय कार्य योजना तैयार की गई है। इसमें प्रयोगशालाओं की क्षमता बढ़ाने, संक्रमण नियंत्रण और ‘वन हेल्थ’ दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी गई है।
प्रदेश की महत्वपूर्ण स्वास्थ्य उपलब्धियां
एचपीवी टीकाकरण में देश में अव्वल: मध्य प्रदेश ने पात्र किशोरियों के टीकाकरण के लक्ष्य का लगभग 96 प्रतिशत (7.64 लाख से अधिक किशोरियाँ) प्राप्त कर लिया है। सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए राजगढ़, डिंडौरी और मुरैना जिले राज्य में पहले तीन स्थानों पर रहे।
- स्वस्थ यकृत मिशन: पिछले एक वर्ष में 1.49 करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। इस क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए बालाघाट, छिंदवाड़ा और शाजापुर जिलों को सम्मानित किया गया।
- राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान: अभियान के तहत 5 वर्ष तक के 1.07 करोड़ बच्चों को सुरक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 83 हजार से अधिक पोलियों बूथ और 1.66 लाख वैक्सीनेटर्स तैनात किए गए हैं।
यह भी पढ़ें: भोपाल में जीतू पटवारी का महा-ऐलान; हर पंचायत में तैनात होंगे 5 ‘किसान न्याय योद्धा’
‘चिकित्सक ईश्वर का रूप’- मुख्यमंत्री का संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि चिकित्सक द्वारा अपनेपन के साथ की गई देखरेख ही रोगी को स्वस्थ बनाती है इसलिए चिकित्सक ईश्वर का ही रूप है।” उन्होंने इस सफलता का श्रेय प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग, पैरा-मेडिकल स्टाफ, आशा-आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और जन प्रतिनिधियों की सामूहिक मेहनत को दिया।
