एमपी में ड्रग नेटवर्क खत्म करने के लिए चलेगा अभियान, विद्यार्थियों संस्थानों में बनेंगी एंटी ड्रग समितियां

Drug Control : मध्यप्रदेश में नशे के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए सरकार का विशेष अभियान। 500 से अधिक विद्यार्थियों वाले शिक्षण संस्थानों में एंटी ड्रग समितियां बनाई जाएंगी।
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नशे के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए सरकार का विशेष अभियानफोटो सोर्स - सोशल मीडिया
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Highlights :

  • एमपी में अवैध ड्रग नेटवर्क खत्म करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

  • 500 से अधिक विद्यार्थियों वाले शिक्षण संस्थानों में एंटी ड्रग समितियां गठित होंगी।

  • मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने पांचवीं राज्य स्तरीय NCORD बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश।

  • मादक पदार्थों से जुड़ी सूचना देने के लिए हेल्पलाइन नंबर 1933 का प्रचार किया जाएगा।

  • जिन जिलों में नशामुक्ति केंद्र नहीं हैं, वहां केंद्र स्थापित करने के लिए प्रस्ताव मांगे जाएंगे।

NCORD Meeting Drug Free Madhya Pradesh : मध्य प्रदेश को मादक पदार्थों से मुक्त बनाने के लिए राज्य सरकार अगले दो से तीन वर्षों में विशेष अभियान चलाएगी। इसके तहत अवैध ड्रग नेटवर्क को ध्वस्त करने, नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए विभिन्न विभाग मिलकर काम करेंगे।

शुरुआत में 500 से अधिक विद्यार्थियों वाले उच्च शिक्षण संस्थानों में एंटी ड्रग समितियों का गठन किया जाएगा। मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने मंत्रालय में आयोजित पांचवीं राज्य स्तरीय NCORD बैठक में अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए।

ड्रग नेटवर्क खत्म करने के लिए बनेगी कार्ययोजना

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता की तरह अवैध मादक पदार्थों के नेटवर्क को खत्म करने के लिए भी गंभीरता से प्रयास किए जाएं। सभी संबंधित विभाग तीन वर्षीय अभियान के लिए अपने लक्ष्य निर्धारित कर कार्ययोजना तैयार करेंगे। उन्होंने नार्कोटिक्स वर्टिकल, एसआईबी और स्थानीय पुलिस के बीच बेहतर समन्वय बनाने तथा सूचना तंत्र मजबूत करने पर जोर दिया।

दो साल में 2.74 लाख किलो मादक पदार्थ नष्ट

बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश मादक पदार्थों के विनिष्टीकरण के मामले में देश में पहले स्थान पर है। वर्ष 2025 में 2,073 प्रकरणों में 1,44,025 किलोग्राम और 30 सितंबर 2026 तक 2,756 प्रकरणों में 1,30,380 किलोग्राम मादक पदार्थ नष्ट किए गए। इस साल 30 सितंबर तक NDPS के 2,986 मामलों में 4,091 आरोपियों से 50,933 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किए गए।

शिक्षण संस्थानों में चलेगा नशामुक्त विद्यालय अभियान

मुख्य सचिव बर्णवाल ने नशामुक्ति अभियान में देश में मध्यप्रदेश के टॉप 2 में आने पर संतोष व्यक्त किया और सभी संबंधित विभागों की सराहना की। शासकीय और अशासकीय शिक्षण संस्थान में नशामुक्त विद्यालय अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। 500 से अधिक विद्यार्थियों वाले संस्थानों में शिक्षक, पालक, विद्यार्थी, सामाजिक न्याय विभाग और पुलिस की सहभागिता से एंटी ड्रग समितियां बनाई जाएंगी। स्थानीय थाने का बीट इंचार्ज समिति का नोडल अधिकारी होगा। सूचना देने वाले विद्यार्थियों और शिक्षकों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। मादक पदार्थों की सूचना देने के लिए हेल्पलाइन नंबर 1933 का प्रचार भी किया जाएगा।

18 गुप्त प्रयोगशालाएं ध्वस्त, 446 करोड़ की संपत्ति अटैच

बैठक में बताया गया कि वर्ष 2025-26 के दौरान प्रदेश में मादक पदार्थों की 18 गुप्त प्रयोगशालाओं को ध्वस्त किया गया। NDPS मामलों में वर्ष 2025 के दौरान 54 प्रकरणों में 300 करोड़ रुपये और वर्ष 2026 में 38 प्रकरणों में 146 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की गई।

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हर जिले में नशामुक्ति केंद्र खोलने की तैयारी

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जिन जिलों में नशामुक्ति केंद्र नहीं हैं, वहां 31 अक्टूबर तक प्रस्ताव प्राप्त किए जाएं। वर्तमान में सामाजिक न्याय विभाग के 31 और स्वास्थ्य विभाग के 10 नशामुक्ति केंद्र संचालित हैं। इसके अलावा कोडीन आधारित कफ सिरप की आपूर्ति, रासायनिक पदार्थों के दुरुपयोग और NDPS मामलों की जांच पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।

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