

Highlights:
भारतीय किसान संघ ने किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार को दशहरे तक का समय दिया।
बिजली कटौती, खाद-बीज, ई-टोकन, समर्थन मूल्य और भावांतर योजना पर सवाल उठाए।
तय समय में समाधान नहीं होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी।
MP Bharatiya Kisan Sangh : मध्यप्रदेश में किसानों की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान संघ ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल सिंह आंजना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार को दशहरे तक का समय दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि तय समय में किसानों की समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ, तो संघ सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन करेगा। संघ ने बिजली कटौती, खाद-बीज की उपलब्धता, सिंचाई के लिए पानी, समर्थन मूल्य पर खरीदी और फसल बीमा जैसे मुद्दे उठाए हैं।
कमल सिंह आंजना ने कहा कि सिंचाई के लिए मिलने वाली बिजली के अलावा घरेलू बिजली भी मेंटेनेंस के नाम पर काटी जा रही है। इससे किसानों के साथ आम लोगों को भी परेशानी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय बिजली कटौती होने से लोगों की दिक्कतें बढ़ जाती हैं। आंजना ने कहा कि मंत्रियों के आश्वासन के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मंत्रियों के साथ बैठकर किसानों के मुद्दों पर चर्चा करने की मांग की।
भारतीय किसान संघ ने भावांतर योजना पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए समर्थन मूल्य पर खरीदी जरूरी है। आंजना के मुताबिक, केवल भावांतर योजना से किसानों की समस्याएं हल नहीं होंगी। उन्होंने धान जैसी फसलों पर भावांतर योजना का लाभ देने की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। संघ ने प्रदेश की कृषि उपज मंडियों में अव्यवस्थाओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कई मंडियां बंद होने से किसानों को उपज बेचने में परेशानी हो रही है।
खाद की उपलब्धता और ई-टोकन व्यवस्था को लेकर भी संघ ने सरकार पर सवाल उठाए। आंजना ने कहा कि सरकारी पोर्टल ठीक से काम नहीं कर रहे हैं और पंजीयन कराने में किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि खेती के लिए खाद, बीज और सिंचाई के पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। समय पर जरूरी संसाधन नहीं मिलने से कृषि उत्पादन प्रभावित हो सकता है और आने वाले समय में अनाज की कीमतें बढ़ने की आशंका है।
भारतीय किसान संघ ने बिजली, खाद, बीज, पानी, फसल बीमा और समर्थन मूल्य पर खरीदी से जुड़ी समस्याओं के निराकरण की मांग की है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल सिंह आंजना ने स्पष्ट किया कि सरकार को दशहरे तक का समय दिया गया है। यदि इस अवधि में किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो संघ आंदोलन करेगा। संघ ने सरकार से किसानों के मुद्दों पर ठोस कदम उठाने की मांग की है।