

Highlights:
वित्त विभाग ने दोनों उप मुख्यमंत्रियों की नई गाड़ियों के प्रस्ताव निरस्त किए।
मौजूदा वाहन 1.10 लाख किलोमीटर की निर्धारित सीमा पार कर चुके हैं।
सप्लीमेंट्री बजट में वाहन खरीद के प्रस्ताव शामिल नहीं करने के निर्देश जारी किए गए।
MP Deputy CM Car Purchase Proposal : मध्य प्रदेश में सरकारी वाहनों की खरीद को लेकर वित्त विभाग और सरकार के फैसले चर्चा में हैं। वित्तीय संकट का हवाला देते हुए वित्त विभाग ने उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल के लिए नई गाड़ियां खरीदने के प्रस्तावों को निरस्त कर दिया है। दोनों उप मुख्यमंत्रियों के मौजूदा वाहन 1.10 लाख किलोमीटर चलने की निर्धारित सीमा पार कर चुके हैं। इसके बावजूद नई गाड़ियों की मंजूरी नहीं दी गई। विभाग ने पुरानी गाड़ियों की मरम्मत कर उनका उपयोग जारी रखने की सलाह दी है।
सरकारी नियमों के अनुसार, किसी वाहन के 1.10 लाख किलोमीटर चलने के बाद उसे बदलने की व्यवस्था है। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल के वाहन यह सीमा पार कर चुके हैं। इसके बाद गृह विभाग के माध्यम से दोनों के लिए नई कारों की खरीद के प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजे गए थे। हालांकि, वित्तीय स्थिति को देखते हुए विभाग ने प्रस्तावों को मंजूरी देने से इनकार कर दिया। अब मौजूदा वाहनों की मरम्मत कर उन्हें चलाने की सलाह दी गई है।
प्रदेश की वित्तीय स्थिति को देखते हुए सरकार ने करीब तीन महीने पहले खर्चों पर नियंत्रण के निर्देश जारी किए थे। इसके तहत अधिकारियों के विदेश दौरों, महंगे होटलों में बैठकों और सरकारी काफिले में वाहनों की संख्या कम करने जैसे कदम उठाए गए थे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या घटाकर सात कर दी थी। ऐसे में उप मुख्यमंत्रियों की नई गाड़ियों के प्रस्ताव निरस्त होने को खर्चों में कटौती के फैसलों से जोड़कर देखा जा रहा है।
खास बात ये है कि एक ओर दो उप मुख्यमंत्रियों के वाहनों की खरीद के प्रस्ताव अटक गए हैं, वहीं चालू वित्त वर्ष 2026-27 में अब तक चार नई कारें खरीदे जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के लिए ईवीएक्स 9 (EVX 9), पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल और लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के लिए इनोवा क्रिस्टा कार शामिल हैं। इसके अलावा गृह सचिव कृष्णा वेणी के लिए भी इनोवा क्रिस्टा खरीदी गई है। इससे पहले वित्तीय वर्ष 2024-25 में सर्वाधिक 27 सरकारी गाड़ियों की खरीद हुई थी।
मध्य प्रदेश वित्त विभाग ने दिसंबर में होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र के लिए चालू वित्त वर्ष के दूसरे सप्लीमेंट्री बजट के प्रस्ताव 22 अक्टूबर तक ऑनलाइन मांगे हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे नए मद शामिल नहीं किए जाएं, जिनसे राज्य के संसाधनों पर अतिरिक्त वित्तीय भार पड़े। इसके साथ ही सप्लीमेंट्री बजट में वाहनों की खरीद से जुड़े प्रस्ताव शामिल नहीं करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इस फैसले से सरकारी वाहनों की नई खरीद पर खर्च नियंत्रित करने की सरकार की मंशा स्पष्ट होती है।